अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा।
पुलिस थानों में दर्ज एफआईआर बारे मांगी गई सूचना उपलब्ध न करवाने पर राज्य सूचना आयोग ने पुलिस उपाधीक्षक को बतौर एसपीआईओ तथा पुलिस अधीक्षक को बतौर प्रथम अपीलीय अधिकारी नोटिस किया है। दोनों अधिकारियों को 29 जून को वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए आयोग के समक्ष प्रस्तुत होने के आदेश दिए गए हैं। सूचना का अधिकार जागृति मंच ऐलनाबाद के प्रधान सुरेंद्र सरदाना एडवोकेट की अपील पर आयोग ने आदेश जारी किए हैं।
सुरेंद्र सरदाना ने सिरसा जिला के थानों में दर्ज हुई एफआईआर और उन पर हुई कार्रवाई को लेकर 19 दिसंबर 2016 को पुलिस अधीक्षक कार्यालय से आरटीआई में जानकारी मांगी। निर्धारित समयावधि में सूचना न मिलने पर उन्होंने पुलिस अधीक्षक के समक्ष 13 फरवरी 2017 को प्रथम अपील दाखिल की। प्रथम अपीलीय अधिकारी द्वारा सूचना देने के आदेश दिए गए, इसके बावजूद सूचना उपलब्ध नहीं करवाई गई। सुरेंद्र सरदाना ने छह अप्रैल को राज्य सूचना आयोग में द्वितीय अपील दाखिल की। जिसे आयोग ने स्वीकार करते हुए डीएसपी और एसपी सिरसा को नोटिस किया है। मुख्य सूचना आयुक्त समीर माथुर मामले की सुनवाई करेंगे। आयोग की ओर से सिरसा में ही वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए सुनवाई तय की गई है।
यह मांगा आरटीआई में
आरटीआई एक्टिविस्ट सुरेंद्र सरदाना एडवोकेट ने पुलिस विभाग से जनवरी-2015 से जनवरी-2016 में सिरसा जिला के थानों में दर्ज एफआईआर की जानकारी मांगी थी। हर थाने में दर्ज एफआईआर की संख्या के बारे में पूछा था। इसके साथ यह भी जानकारी मांगी थी कि आईपीसी और सीआरपीसी की धाराओं के तहत कितने मामले दर्ज हुए। दर्ज मुकदमों के न्यायालय में भेजे गए चालान तथा बकाया केसों की संख्या भी पूछी थी।
राज्य सूचना आयोग में डीएसपी-एसपी की पेशी
- 29 जून को होगी वीडियो कांफ्रेसिंग से सुनवाई, मांगी गई आरटीआई न देने पर नोटिस