सिरसा। शहर की 327 गलियों के टेंडर में फिर नया पेंच फंस गया है। अब डीसी कार्यालय ने इन गलियों के निरीक्षण और प्रॉपर्टी आईडी की जांच के लिए एसडीएम कार्यालय की ड्यूटी लगा दी है। ऐसे में पार्षद फिर से विरोध पर उतर सकते हैं। हालांकि अबकी बार नप ने 316 गलियों की फाइल डीसी कार्यालय में भेजी थी। क्योंकि 11 गलियां ऐसी थीं जो कि 25 लाख से नीचे की लागत से बनने वाली थी। इसलिए नप उनका टेंडर अपने स्तर पर ही लगा सकता है।
शहर की 327 गलियों के टेंडर को लेकर पार्षदों ने बुधवार को नप कार्यालय में साढ़े दस बजे बैठक बुलाई है। इसके बाद पार्षद गलियों के संबंध में आगे की रणनीति बनाएंगे। पार्षद गलियों के मामले पर डीसी अशोक गर्ग से मिलने डीसी कार्यालय भी जाएंगे। बता दें कि डीसी कार्यालय की ओर से शहर की 327 गलियों को लेकर कुछ आपत्तियों का विवरण मांगा गया था। जानकारी अनुसार इस पत्र में 327 गलियों के पूर्ण में खर्च की गई राशि का ब्योरा, गलियों की मार्किंग, प्रॉपर्टी आईडी का विवरण भेजें। साथ ही पूर्व में इन गलियों के टेंडर को रद्द क्यों किया गया, उसका विवरण भी भेजे। पत्र आने के बाद नगर परिषद की एमई शाखा ने सभी 327 गलियों की प्रॉपर्टी आईडी लगा दी और उनका नक्शा भी तैयार कर दिया। साथ ही रिपोर्ट तैयार कर ली कि सभी गलियां चार से पांच साल पहले बनी हुई है। पिछला टेंडर रद् होने का कारण लोकसभा चुनावों में आचार संहिता का हवाला दिया गया। सोमवार को गलियों की फाइल डीसी कार्यालय में भेज दी गई।
डीसी ने नप का दौरा भी किया। उन्होंने आश्वासन दिया है कि जल्दी टेंडर लगा देंगे। लेकिन हमने सुबह साढ़े दस बजे पार्षदों की बैठक बुलाई है। उसके बाद डीसी से मिला जाएगा।
- रणधीर सिंह, कार्यकारी प्रधान, नगर परिषद सिरसा।
हमने डीसी कार्यालय में फाइल भेजी हुई है। उनकी इंस्पेक्शन के बारे में कोई जानकारी नहीं है।
- अमन ढांडा, ईओ, नगर परिषद।