सिरसा। शिक्षा अधिनियम 134 ए में दूसरी सूची में भी कई खामियां देखने को मिल रही है। पहली सूची में जिन स्कूलों में सीटें भर गई थी, उन्हीं स्कूलों को नौ जून को आई दूसरी सूची में शामिल करके बच्चों को स्कूल अलॉट कर दिए गए। ऐसे में दूसरी सूची में नाम आने के बाद, लेकिन स्कूलों में सीटें न होने के कारण बच्चे एडमिशन से वंचित हो गए। करीब 20 ऐसे मामले हैं।
जानकारी के अनुसार सभी स्कूलों द्वारा पहली सूची में एडमिशन ले चुके बच्चों का डाटा शिक्षा विभाग के पोर्टल पर अपलोड कर जानकारी देनी थी। लेकिन डाटा ऑनलाइन न होने के कारण शिक्षा विभाग ने कुछ स्कूलों की सीटों को दोबारा दूसरी सूची में शामिल कर लिया। अभिभावक सुमन ने बताया कि उसके बच्चे को शाह सतनाम स्कूल अलॉट हुआ है। लेकिन जब हम एडमिशन करवाने पहुंचे तो उन्होंने बताया कि 134 ए की सभी सीटों पर दाखिले हो चुके हैं। हम आपके बच्चे का दाखिला नहीं ले सकते। सुमन से जब बीईईओ कार्यालय में इस संबंध में बात की तो पता चला कि उपरोक्त स्कूल की सभी सीटों पर दाखिले हो चुके हैं लेकिन डाटा ऑन लाइन न होने के कारण दोबारा स्कूल अलॉट कर दिया गए। बीईईओ कर्मचारियों ने शिक्षा निदेशालय पंचकूला को इससे अवगत भी करवाया। लेकिन इस समस्या का कोई समाधान नहीं निकल पाया है। अभिभावक परेशान हो रहे हैं क्योंकि दाखिले के लिए 20 जून अंतिम तिथि है।
शिक्षा विभाग ने 31 मई से पहले सभी स्कूलों को 134 ए के तहत दाखिला ले चुके बच्चों की डिटेल पोर्टल पर अपडेट करनी थी। शाह सतनाम गर्ल्स स्कूल, सावन पब्लिक स्कूल व केडी पब्लिक स्कूल के लगभग 20 सीटों का डाटा ऑन लाइन नहीं है। जिसके चलते शिक्षा विभाग ने उन्हीं सीटों पर दूसरी सूची में छात्रों को स्कूल अलॉट कर दिया। विभाग ने स्कूलों से जब डाटा आन लाइन न करने का कारण पूछा। स्कूल संचालकों ने पोर्टल सही प्रकार से कार्य न करने का कारण बताया। डाटा ऑनलाइन करने के लिए बीईईओ कार्यालय से सभी स्कूलों को मैसेज दिया था कि अगर किसी स्कूल का डाटा पोर्टल पर अपलोड नहीं हो रहा तो वह बीईईओ कार्यालय में आकर डाटा को अपलोड करवा सकते हैं। डाटा ऑनलाइन न होने के कारण ओवर लेपिंग की समस्या आई है।
स्कूल की फीस लेने पर अभिभावक ने बीईईओ कार्यालय में जमा करवाई शिकायत
नौ जून को आई दूसरी सूची में दूसरी कक्षा के लोकेश के अभिभावकों को मैसेज मिला था कि उनके बच्चे का दाखिला एक निजी स्कूल में हुआ है। लोकेश के अभिभावक नारायण दाखिले के लिए स्कूल में पहुंचे तो स्कूल प्रबंधन ने उनसे तीन हजार रुपये फीस की मांग की। अभिभावक ने स्कूल को 2 हजार रुपये फीस के तौर पर दे दिए और बकाया पैसे रसीद पर लिख कर दे दिए। जब अभिभावक को पता लगा कि नियम 134ए के तहत बच्चों की कोई फीस नहीं लगती तो वह अभिभावक स्कूल में गया। लेकिन स्कूल ने बताया कि ये स्कूल फंड है, इसलिए अदा करने पड़ेंगे। अभिभावक ने इसकी शिकायत डीईईओ धनपतराम को दी है।
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ओवर लेपिंग से संबंधित समस्या को शिक्षा निदेशालय को अवगत करवा रखा है लेकिन उस पर अभी किसी भी प्रकार का कोई जवाब नहीं आया है।
बीआर कामरा, बीईईओ, सिरसा