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राजपुरा के सरपंच को 1.17 लाख रूपये की राशि ब्याज सहित भरने का थमाया नोटिस

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राजपुरा के सरपंच को 1.17 लाख रुपये की राशि ब्याज सहित भरने का थमाया नोटिस
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ओढां। पंचायती खाते से अपने लिए मोबाइल खरीदने के मामले में ब्याज सहित रिकवरी दे चुके राजपुरा के सरपंच इंद्राज लीलड़ को विभाग ने एक और मामले में एक लाख 17 हजार रूपये की राशि की रिकवरी का नोटिस जारी किया है। दरअसल मामले ये था कि सरपंच इंद्राज लीलड़ ने वर्ष 2016 में हिसार की एक कंपनी से पंचायती खाते से 2 लेपटॉप व एक प्रिंटर की खरीद दिखाई थी। इसके लिए कंपनी को एक लाख 17 हजार रुपये की राशि का नकद भुगतान किया गया, लेकिन सामान के बिल पर न ही तो कोई खरीद की तारीख अंकित है और न ही उपकरणों के सीरियल नंबर।
हैरानीजनक बात ये है कि ग्राम सचिव ने ये बिल विभाग से स्वीकृत भी करवा लिया। मामला तब सामने आया जब एक पंचायत मेंबर ने आरटीआई में जानकारी ली। सरपंच का कहना था कि उसने ये सामान स्कूल में देने के लिए खरीदा था। मामला जब चर्चा में आया तो इन उपकरणों को स्कूल में देने की बात चली। लेकिन जब जांच पड़ताल की गई तो ऐसा कुछ नहीं पाया गया। इस मामले में डबवाली बीडीपीओ कार्यालय के अधिकारी काफी समय तक इस शिकायत को दबाए बैठे रहे। शिकायतकर्ता ने जब इस मामले में आरटीआई मांगी तो अधिकारी हरकत में आए। एसईपीओ ने मामले की जांच की तो पाया कि उक्त सामान विभागीय नियमों के विपरीत खरीदा गया है। जबकि शिकायतकर्ता का आरोप है कि सरपंच ने उक्त सामान खरीदा ही नहीं क्योंकि बिल पर तिथि व उपकरणों के सिरीयल नंबर बारे जानकारी दर्ज नहीं की गई। पंच कालूराम का ये भी आरोप है कि कंपनी को जो राशि अदा की गई है वो चैक के अलावा कैश भुगतान किया गया है। वहीं एसईपीओ सतपाल बिश्नोई का कहना है कि राशि का भुगतान चैक द्वारा किया गया है। उनका कहना है कि रिकार्ड के अवलोकन में लेपटॉप व प्रिंटर की खरीद दिखाई गई है। उनका कहना है कि सरपंच ने ये सामान स्कूल में देने के लिए खरीदा था लेकिन स्कूल ने रिसीविंग लेने से इंकार कर दिया। लेकिन सवाल ये है कि सरपंच ने इस सामान को अपने निजी कार्य के लिए यूज कर लिया।
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आदेशों को सरपंच का ठेंगा:
बीडीपीओ बलराज सिंह ने सामान खरीदने को विभागीय नियमों के विपरीत बताते हुए सरपंच को बीती 18 सितंबर को नोटिस जारी किया था। नोटिस में निर्देश दिए गए कि एक लाख 17 हजार रुपये की राशि ब्याज सहित एक सप्ताह में पंचायती खाते में जमा करवाई जाए। सरपंच ने बीडीपीओ के आदेशों को ठेंगा दिखाते हुए करीब 4 सप्ताह बाद भी कोई राशि जमा नहीं करवाई। शिकायतकर्ता का आरोप है कि खंड कार्यालय के अधिकारी सरपंच को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। उसने उपायुक्त से मांग करते हुए कहा कि सरपंच के खिलाफ रिकवरी के अलावा भी विभागीय कार्रवाई की जाए।
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बॉक्स:
-सरपंच को एक सप्ताह में रिकवरी के नोटिस दिए गए थे। लेकिन अभी राशि भरी नहीं गई है। पुन: रिमांडर भेजा जाएगा। अगर राशि नहीं भरी तो सरपंच के खिलाफ कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को लिखा जाएगा।
-बलराज मलेठिया, बीडीपीओ (डबवाली)।
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