कुम्हारिया में ग्रामीणों ने महिला सरपंच के साथ मिलकर गांव को नशामुक्त करने की ठानी
सरपंच ने कहा सबसे पहले पति का नशा छुड़ाऊंगी
गांव के 50 से ज्यादा युवा नशे की लत के शिकार
अमर उजाला ब्यूरो
चोपटा।
क्षेत्र के गांव कुम्हारिया में ग्र्राम पंचायत के तत्वावधान में जाट सभा और पुलिस प्रशासन के सहयोग से नशामुक्ति अभियान के तहत नशीले पदार्थों के दुष्प्रभाव के प्रति ग्रामीणों को जागरूक किया। गांव के सरकारी स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में जहां एक ओर प्रशासनिक अधिकारियों, बुद्धिजीवियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने लोगों को नशे के दुष्प्रभाव बताए और लोगों किसी भी प्रकार का नशा न करने की अपील की। वहीं, ग्रामीणों ने गांव की सरपंच शकुंतला देवी के साथ मिलकर गांव को हर हाल में नशा मुक्त करने का संकल्प लिया। सरपंच ने कहा सबसे पहले वे अपने पति का नशा छुड़वाएंगी।
इस कार्यक्रम में मंच संचालन विमला सिंवर ने किया। गौरतलब है कि राजस्थान की सीमा से सटे गांव कुम्हारिया के करीब 50 से ज्यादा युवा पिछले एक साल से भयंकर नशे की चपेट में आ गए हैं। स्कूल में आयोजित नशामुक्ति कार्यक्रम में नाथूसरी चोपटा ब्लॉक समिति के चेयरमैन विरेंद्र साहु ने कहा कि किसी भी प्रकार ने नशीले पदार्थों का सेवन करना मनुष्य के शारीरिक, मानसिक, आर्थिक विकास में बाधक है। उन्होंने गांव और पूरे क्षेत्र से नशे की प्रवृत्ति को जड़ से उखाड़ फेंकने का संकल्प ग्रामीणों को दिलवाया। इस मौके पर बिहार केडर के पूर्व आईजी छोटूराम कसंवा ने नशे के बुरे प्रभाव के प्रति लोगों को आगाह किया व नशीले पदार्थों की बिक्री को रोकने के तरीके बताए।
नाथूसरी चोपटा थाना प्रभारी ओमप्रकाश ने कहा कि नशीले पदार्थों के सेवन और बेचने वालों पर नकेल कसने के लिए ग्रामीणों का सहयोग बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि जहां भी संदिग्ध दिखे तो तुरंत पुलिस का जानकारी दें। ताकि समय रहते नशा बेचने वालों को पकड़ा जा सके। जाट सभा के अध्यक्ष राजेंद्र कड़वासरा ने कहा कि नशे को जड़ से मिटाने के लिए समाज मे जागरूकता जरूरी है व युवाओं को नशे से दूर रहना चाहिए। गांव की सरपंच शकुंतला देवी ने गांव से नशे को हर हाल में खत्म करने का आहृवान किया करते हुए कहा कि गांव से नशे को खत्म करने की शुरुआत अपने घर से सबसे पहले अपने पति का नशा छुड़वाकर करेंगी। स्कूल के मुख्याध्यापक कमरूदीन ने कहा कि गांव के युवाओं को नशे की लत से बचकर रहना चाहिए। इस मौके पर इंटेलिजेंस के पूर्व एसपी गोदारा, लुदेसर की सरपंच योगेश गाट, रामपुरा ढिल्लो के सरपंच भागीरथ ढिल्लो, अनिरूद्ध ढिल्लो, संपत बेनीवाल, कृष्ण कुमार नंबरदार, सुरेंद्र शर्मा, समाजसेवी विक्रम सिंह, सहित गांव के कई महिलाएं और पुरूष मौजूद रहे।
सरपंच ने सबसे पहले पति का नशा छुड़ाने की ठानी
गांव की सरपंच शकुंतला देवी ने कहा कि गांव के युवाओं में नशे की प्रवृत्ति दिनाें दिन बढ़ती जा रही है। वे हर हाल में गांव को नशे से मुक्ति दिलवाएंगी। उन्होंने कहा कि नशे को जड़ से खत्म करने की शुरुआत सबसे पहले अपने पति का नशा छुड़वाकर करेंगी तथा ग्रामीणों को जागरूक कर नशे पर लगाम लगाएंगी। गांव की सरपंच ने मंच पर घूंघट में कहा कि वे नशे के बुरे प्रभाव की भुगत भोगी हैं व उन्हें पता है कि नशा घरेलू जीवन को बर्बाद कर देता है। इसलिए वे नशे की प्रवृत्ति को गांव से मिटाना चाहती हैं। गांव की महिलाओं ने सरपंच को भरोसा दिलाया और संकल्प लिया की नशे रूपी बुराई को जड़ से खत्म करने के लिए वे उनके साथ हैं।