एचटेट (हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा) के दूसरे दिन रविवार को लेवल टू और वन के लिए परीक्षा शांति पूर्वक संपन्न हुई।
शनिवार को पेपर लीक हो जाने के बाद आज सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई। हर परीक्षार्थी की तलाशी लेकर केंद्र में जाने दिया गया।
आज जिले के 36 परीक्षा केंद्रों पर 15 हजार उम्मीदवारों ने परीक्षा दी। इस दौरान परीक्षा केंद्रों के आसपास उम्मीवारों के अभिभावक भी खड़े रहे।
पुलिस कर्मियों की तैनाती परीक्षा शुरू होने से पूर्व ही कर दी गई थी। सभी परीक्षा केंद्रों में जैमर लगाए गए थे ताकि मोबाइल चलने की गुंजाइश न रहे। सभी केंद्रों पर उड़नदस्तों की टीमों ने बार-बार निरीक्षण किया।
जिले में एक भी नकल का मामला प्रकाश में नहीं आया। एचटेट की परीक्षा के दौरान सुरक्षा की कड़ी व्यवस्था की गई थी। शहर में स्थापित 30 और डबवाली में छह परीक्षा केंद्रों पर एचटेट के लेवल एक और दो की परीक्षा का आयोजन हुआ।
सभी केंद्रों पर जैमर लगाए गए थे। उड़नदस्ता की टीमों ने सभी केंद्रों पर बार-बार निरीक्षण कर परीक्षा का नकलरहित आयोजन करवाने में योगदान दिया।
सभी केंद्रों के कमरों में वीडियोग्राफी करवाई गई है। लेवल टू के 10,737 व लेवल वन के 6667 उम्मीदवारों ने परीक्षा दी। परीक्षा आरंभ होने से पूर्व ही उम्मीदवार परीक्षा केंद्रों के बाहर पहुंच गए थे।
सुबह की शिफ्ट में साढे़ दस बजे और सायं की शिफ्ट में तीन बजे परीक्षा शुरू हुई। खास कर महिला उम्मीदवारों के साथ आए अभिभावक परीक्षा के दौरान परीक्षा केंद्रों के बाहर खड़े रहे।
सभी केंद्रों पर पुलिस कर्मियों की तैनाती रही। महिला पुलिस कर्मी भी हर केंद्र पर तैनात की गई थीं। शिक्षा विभाग के अलावा बोर्ड की और से और जिला प्रशासन की और से एक-एक कर्मचारी केंद्रों में मौजूद रहे।
परीक्षा केंद्रों के गेट पर परीक्षार्थियों की तलाशी लेकर उनके पास सामान को जमा करवा लिया गया था। शिक्षण संस्थानों का भी परीक्षा के आयोजन में सहयोग लिया गया।
शनिवार को हुई परीक्षा रद हो जाने के कारण आज परीक्षा देने पहुंचे उम्मीदवार काफी चिंतित दिखे। इसी को लेकर पुलिस ने भी मुस्तैदी बढ़ाई हुई थी।
खंड शिक्षा अधिकारी आत्म प्रकाश मेहरा ने बताया कि केंद्रों के निरीक्षण के लिए पहले से ही उडनदस्ता की टीमों का गठन कर दिया गया था।
इसके अलावा बोर्ड की ओर से भी उडनदस्ता की टीमें केंद्रों के निरीक्षण के लिए पहुंची। उन्होंने बताया कि सिरसा के सभी केंद्रों पर परीक्षा का आयोजन शांतिपूर्वक रहा।
बसें रही ओवरलोड, लोग हुए परेशान
हालांकि रोडवेज प्रबंधन की ओर से एचटेट की परीक्षा को लेकर अपनी ओर से पुख्ता प्रबंधों के दावे किए गए थे, लेकिन एचटेट परीक्षार्थियों के कारण लोगों को बसों में भारी परेशानी हुई।
रोडवेज के अलावा निजी बसों में भी भीड़ देखने को मिली। बस अड्डे पर भीड़ की स्थिति रही तो परीक्षा समाप्त होने के बाद सड़कों पर जाम की स्थिति भी बन गई।
दूर-दराज के गांवों में बसों की सुविधा कम होने के कारण अधिकतर बसें ओवरलोड रही। परीक्षार्थियों ने अपनी जान को जोखिम में डालकर परीक्षा केंद्र तक अपने आप को किसी तरह पहुंचाया।
काफी परीक्षार्थियों को या तो निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ा या फिर वे अपने स्वयं के वाहनों पर परीक्षा देने के लिए पहुंचे।
वहीं पेपर के बाद भी फिर से वही स्थिति बन पड़ी और घर जाने की जल्दी व बस छूटने के डर से बस स्टैंड व अन्य स्थलों पर जाम की स्थिति बनी रही।
वहीं परीक्षा शुरू होने व समाप्त होने के बाद अनेकों क्षेत्रों में जाम की स्थिति बनी रही। परीक्षा से पूर्व जहां जाम की स्थिति कम थी, वहीं परीक्षा के बाद स्थिति काफी विकट थी।
परीक्षा में देरी से पहुंचने के डर व परीक्षा के बाद बसें छूटने के डर से परीक्षार्थी व उनके साथ आए सहयोगी एक साथ बस स्टेंड व अन्य स्थलों पर उमड़ पड़े।
बस स्टेंड, पुराना बस स्टेंड, सिरसा क्लब, बरनाला रोड, बेगू रोड सहित अनेकों स्थलों पर जाम की स्थिति बनी रही, जिसके कारण वाहन चालकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
परीक्षार्थियों के निकलने के बाद वाहन चालकों ने राहत की सांस ली और अपने गंतव्य के लिए रवाना हुए।