अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा।
मांगों को लेकर पिछले करीब 14 दिनों से जिला नागरिक अस्पताल में धरनारत आशा वर्कर्स ने बुधवार को लघु सचिवालय में उपायुक्त कार्यालय के समक्ष धरना प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। बाद में तहसीलदार को उपायुक्त के नाम मांगों संबंधी एक ज्ञापन सौंपा।
धरने की अध्यक्षता प्रधान कलावती देवी ने की। इस मौके पर उन्होंने बताया कि सरकार आशा वर्कर्स को सरकारी कर्मचारी का दर्जा देनेे, न्यूनतम वेतन 18 हजार रुपये देने, 60 वर्ष की सेवा के बाद तीन हजार रुपये पेंशन के रूप में देने, सामाजिक सुरक्षा देने, ईएसआई और जीपीएफ के दायरे में लोन और 2018-19 के केंद्रीय बजट में परियोजनाओं पर अमल करने के लिए पर्याप्त बजट अलॉट करने, ड्रेस की राशि दो हजार की जाए, इंसेटिव 50 प्रतिशत से बढ़ाकर 100 प्रतिशत की जाए, दुर्घटना के समय 10 लाख रुपये की सामाजिक सुरक्षा प्रदान की जाए, सभी वर्कर्स को एंड्रोएड फोन और नेट कनेक्शन दिया जाए, तेलंगाना में आशा वर्करों का वेतन 6 हजार रुपये फिक्स है, वहीं दिल्ली और गुजरात में 4500 रुपये, केरल में 7500 रुपये तो हरियाणा में केवल एक हजार रुपये क्यों हैं? जिला प्रधान ने बताया कि धरने के 14वें दिन आशा वर्कर्स ने मिलकर परमात्मा के नाम की अरदास की और परमात्मा से मन्नत मांगी की हमारी मांगों को सरकार जल्द से जल्द पूरा करें। उन्होंने बताया कि आशा वर्कर्स की मांगें जायज हैं और सरकार जल्द से जल्द मांगों को पूरा कर दे, अन्यथा आंदोलन को तेज किया जाएगा, जिसकी जिम्मेवारी सरकार, विभाग और जिला प्रशासन की होगी। धरने पर सर्व कर्मचारी संघ के प्रधान मदनलाल खोथ, आशा वर्कर सीमा रानी, सुनीता, भागवंती, राजरानी, सरोज, जसदीप, संदीप आदि उपस्थित रहे।