कोरोना वायरस को लेकर स्वास्थ्य विभाग सतर्कता बरतते हुए लोगों की स्क्रींनिंग करने में लगा हुआ है। वहीं स्वास्थ्य विभाग सिरसा के सिविल अस्पताल में दो वेंटिलेटर लेने के लिए सुबह ही विभाग की टीम गुरुग्राम के लिए रवाना हो गई। स्वास्थ्य विभाग ने एक चिकित्सक को भी इसके प्रशिक्षण के लिए साथ भेजा है। वहीं कोरोना वायरस के चलते कोई दंत चिकित्सक भी मरीजों को इलाज नहीं कर सकते हैं। वहीं रोडी क्षेत्र से भेजे गए 18 सैंपल में 15 की रिपोर्ट आ गई है और पांच सैंपल रद्द होने केे कारण दोबारा भेजे गए हैं। कोरोना वायरस के चलते स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां करते हुए जिले के अस्पतालों में वेंटिलेटर की सुविधा बढ़ा दी है। स्वास्थ्य विभाग की टीम सुबह ही गु्रुग्राम से वेंटिलेटर लेने के लिए रवाना हो गई। वहीं टीम के साथ एक डॉक्टर को भी भेजा गया है जो वेंटिलेटर का प्रशिक्षण लेकर आएगा।
दंत चिकित्सक नहीं कर पाएंगे मरीजों का इलाज
जिले के दंत चिकित्सक मरीजों के दांतों का इलाज नहीं कर पाएंगे। सिविल अस्पताल के सीएमओ डॉ. सुरेंद्र नैन ने बताया कि दांतों का इलाज करते समय एक लिक्विड निकलता है जिससे कोरोना संक्रमण का खतरा और भी बढ़ जाता है। जिस कारण जिले में सभी दंत चिकित्सकों को आदेश दिए हुए हैं कि वह किसी भी मरीज का इलाज न करें। अगर कोई चिकित्सक किसी मरीज का इलाज करता है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी।
पांच लोगों के सैंपल दोबारा भेजे
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बुधवार को रोड़ी क्षेत्र में आए नांदेड़ से 18 लोगों के सैंपल जांच के लिए भेजे थे। जिसमें रिपोर्ट के अनुसार 13 लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आई और पांच सैंपल रद्द हो गए थे। वहीं नौ दिन पहले इन्हीं 18 सैंपल में से दो लोग पॉजिटिव मिले थे। जिनके सैंपल जांच के लिए दोबारा भेजे गए हैं। इन दोनों को अस्पताल में भर्ती हुए करीब दस दिन हो गए हैं, दोनों मरीजों की हालत अभी बिलकुल ठीक है।
आज दो वेंटिलेटर सिरसा में पहुंच जाएंगे। वहीं कोरोना संक्रमण को देखते हुए दंत चिकित्सकों को मरीजों की जांच करने के लिए मना किया हुआ है। अगर कोई पाया जाता है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी। पांच लोगों के सैंपल रद्द होने केे बाद दोबारा भेजे गए हैं।
-डॉ. सुरेंद्र नैन, सीएमओ, स्वास्थ्य विभाग सिरसा।