सिरसा। नियम 134ए के तहत बुधवार को बच्चों को दाखिले वाले स्कूलों के नाम शिक्षा विभाग ने एसएमएस द्वारा दिए गए। जिसमें 1669 बच्चों को अल सुबह तीन बजे ही स्कूल के नाम के साथ एसएमएस मिल गया। लेकिन 985 बच्चों को कोई भी एसएमएस प्राप्त नहीं हुआ।
134 ए में बच्चों के दाखिले की सूची देखने के लिए सभी अभिभावक सुबह नौ बजे बीईओ कार्यालय पहुंच गए। जिन बच्चों के नाम नहीं आए, उनके अभिभावकों ने कार्यालय में पहुंचने के बाद हंगामा किया। इस कारण से बीईओ के कर्मचारियों को पुलिस की सहायता लेनी पड़ी तथा वहां तीन पुलिस कर्मचारियों को तैनात किया गया। पुलिस ने गेट बंद कर दिए। पुलिस ने सभी को बीईओ कार्यालय से बाहर निकाल कर शांत करवाया और आश्वासन दिया कि जल्द ही सूची लगवाई जाए। बीईओ के कर्मचारी नीरू, संगीता तथा हिमाशुं सूची तैयार करने में जुट गए। करीब दो बजे स्कूलों के सूची लगाई गई। सूची में चयनित बच्चों के नाम भी थे। वहीं जिन अभिभावकों के बच्चों के नाम सूची में नहीं आए, उन्होंने अब अगली सूची का इंतजार करना पड़ेगा। अगली सूची दस मई के बाद लगाई जाएगी।
इन्हें नहीं आया कोई एसएमएस
नाराज अभिभावक विपिन सोनी ने बताया कि उनके पास अभी तक कोई एसएमएस नहीं आया है तथा बच्चों की पढ़ाई खराब हो रही है। वहीं अभिभावक दीपक तथा अंजू ने बताया कि वह सुबह से बीईओ कार्यालय में बैठे हैं। ना ही कोई एसएमएस मिला तथा ना ही यहां से कोई संतोष जनक जवाब मिल रहा है। अभिभावक कमलेश तथा राकेश का कहना है कि उनके बच्चे जिस स्कूल में पढ़ रहे हैं उन्हीं स्कूलों में इनका नाम फिर से आ गया। अभिभावक पवन कुमार का कहना है कि स्कूल का नाम आने के बाद भी स्कूल वालों का कहना है कि उनके पास अभी तक कोई मेल नहीं आई है। जब तक मेल नहीं आ जाती तब तक वह दाखिला नहीं कर सकते।
134ए के तहत 2654 बच्चे हुए है पास
इस नियम के तहत बच्चों के निजी स्कूलों में दाखिले हेतू परीक्षा ली गई। जिसमें परीक्षा के लिए 3740 बच्चों ने भाग लिया तथा 2654 बच्चे ही परीक्षा में पास हो पाए। पास हुए बच्चों में से 1669 बच्चों को बुधवार को स्कूलों के नाम एसएमएस के द्वारा भेजे गए। जिन के पास स्कूल के लिए कोई एसएमएस नहीं आया,उन्हें 10 मई तक दूसरी सूची का इंतजार करने का एसएमएस आया।
जिन स्कूलों का विकल्प नहीं भरा, उनमें दे दिए गए दाखिले
अभिभावक ज्योति ने बताया कि उन्होंने स्कूल सूची में गुरूनानक पब्लिक स्कूल कुसुबीं का नाम नहीं डाला था फिर भी उनके बच्चे का उस स्कूल में नाम आ गया। उन्होंने बताया कि उसकी बेटी तीसरी कक्षा में पढ़ती है तथा वह स्कूल शहर से बहुत दूर है वहां वह कैसे भेज सकते हैं। वीना ने बताया कि उन्होंने भी यह स्कूल नहीं भरा था और उन्हें इसी स्कूल का एसएमएस मिला हुआ है। वहीं रमेश मोगां ने बताया कि उनके बच्चे का फ्रांसिस पब्लिक स्कूल सिरसा में नाम आया है, जबकी यह स्कूल सिरसा में है ही नहीं। स्कूल की लोकेशन पाकिस्तान की दिखा रही है। अभिभावक सिमरन ने बताया कि उन्होंने गुुरूनानक पब्लिक स्कूल सिरसा का नाम भरा था। जबकी उनका दाखिले का एसएमएस गुरूनानक पब्लिक मिडल स्कूल भावदीन में आया है। जबकि इसके लिए आवेदन नहीं किया। इस पर सभी अभिभावकों ने शिक्षा विभाग तथा ऑनलाइन सिस्टम को कोसते हुए कहा कि इनके कारण हमारे बच्चों की पढ़ाई खराब हो रही है तथा इसके कारण किसी और स्कूल में भी नहीं भेज सकते।
कॉट्स--
जिस बच्चे का पहली सूची में हुआ है उनका दाखिला हो जाएगा। जिन अभिभावकों का दूसरी सूची के लिए एसएमएस आया है उनका उसके बाद ही पता लगेगा। हमें मुख्यालय से जो संदेश मिलता है वही हम अभिभावकों को दे रहे हैं। सभी स्कूलों को मेल डाल दी गई है। अभिभावक सीधे तौर पर एसएमएस आने के बाद स्कूल में जा सकते हैं।
--अशोक कुमार, ब्लॉक नोडल अधिकारी, सिरसा।