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जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों पर साढे़ नौ लाख का बिजली बिल बकाया

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अमर उजाला ब्यूरो
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सिरसा। जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों में पढ़ने वाले बच्चों को इस बार भी गर्मी के दिनों में बिना पंखों के ही आंगनबाड़ी केंद्रों में बैठना होगा। सिरसा की करीब 700 से अधिक आंगनबाड़ियों में बिजली के कनेक्शन कटे हुए हैं। बिजली निगम तब तक कनेक्शन नहीं जोड़ेगा, जब तक महिला बाल विकास विभाग करीब साढ़े नौ लाख का बिल अदा नहीं कर देता।
जिले में ग्रामीण व शहरी इलाकों में कुल 1200 आंगनबाड़ी केंद्र हैं। जिनमें 2400 वर्कर और हेल्पर्स बच्चों की देखभाल करने की जिम्मेदारी निभा रही हैं। बिजली निगम ने 2012 में आंगनबाड़ी केंद्रों को बिजली कनेक्शन मुहैया करवाए थे। लेकिन आंगनबाड़ी केंद्रों ने बिजली का बिल नहीं भरा। तब बिजली निगम ने आंगनबाड़ी केंद्रों के कनेक्शन काटने शुरू कर दिए। करीब 700 आंगनबाड़ी केंद्र ऐसे हैं जिनके कनेक्शन कटे हुए हैं। उनमें बिजली की व्यवस्था नहीं है। जबकि शेष 500 आंगनबाड़ी केंद्रों ने पंचायतों घरों और आस-पड़ोस से बिजली उधारी ली हुई है। जिले की विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों में 6 माह से लेकर 3 वर्ष के 42 हजार और 3 से 6 वर्ष तक के 50400 नौनिहाल पहुंच रहे हैं। इनके अलावा इन केंद्रों में 14400 गर्भवती पौष्टिक आहार के लिए पहुंच रही हैं। बच्चों को सुबह पौने 9 बजे से लेकर दोपहर पौने 3 बजे तक केंद्र बुलाया जाता है। इस बीच तेज गर्मी व चिलचिलाती धूप में बच्चें केंद्र में रहते हैं।
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वर्जन
मुख्यालय की तरफ से बिजली बिल भरने का कोई बजट नहीं आया। नोटिस जारी कर बिजली निगम ने आंगनबाड़ी केंद्रों को कनेक्शन काट दिए। इस समस्या को लेकर कई बार चंडीगढ़ मुख्यालय को भी अवगत करवाया। लेकिन समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ।
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- सरोज कंबोज, कार्यवाहक जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी, सिरसा।

वर्जन
बिजली का बिल नहीं भरने की वजह से आंगनबाड़ी केंद्रों के कनेक्शन काट दिए गए हैं। इन पर साढ़े 9 लाख का बिजली बिल बकाया है। बिल भरने को लेकर बिजली निगम ने कई बार महिला एवं बाल विकास विभाग रिमाइंडर भेजा जा चुका है और कई बार लिखित में भी पत्र भेजा जा चुका है।
- रणधीर सिंह, अधीक्षक अभियंता, बिजली निगम, सिरसा।
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