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39 आयुर्वेदिक औषद्यालयों में चिकित्सा अधिकारियों के 17 पद खाली

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अमर उजाला ब्यूरो
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सिरसा। जिले के आयुर्वेदिक औषद्यालयों में ना तो चिकित्सकों की रेगुलर भर्ती की जा रही ना फार्मासिस्ट की। जिले में सरकार ने 39 स्थानों पर आयुर्वेदिक औषद्यालय खोले। जिले में महज 22 आयुर्वेदिक चिकित्सक अधिकारी हैं। यही चिकित्सक सभी औषद्यालय को बारी-बारी संभाल रहे हैं।
चिकित्सक जहां पदस्थ है वहां तो ड्यूटी दे रहे हैं। इसके अलावा दूसरे औषद्यालय का चार्ज भी उन्हें दिया हुआ है। सिरसा के नागरिक अस्पताल में खुले आयुष विंग में पंचकर्मा चिकित्सक का पद रिक्त पड़ा हुआ है। इसके अलाव आयुर्वेदिक चिकित्सक फार्मासिस्ट का पद भी खाली पड़ा हुआ है। ऐसे में आयुर्वेदिक पद्धति से इलाज करवाने वाले अधिकांश मरीजों का सही तरीके से इलाज नहीं हो रहा है और लोगों की रुचि आयुर्वेद चिकित्सा से हटती जा रही है।
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200 से 100 पहुंची ओपीडी
लोगों का आयुर्वेदिक विधि से इलाज करने के लिए सरकार ने वर्ष 2008 में पहली बार ट्रामा सेंटर में ही एक आयुर्वेदिक औषद्यालय खोला गया था। वर्ष 2013 में आयुष विंग की अलग से इमारत बनाई गई। इसके बाद वर्ष 2018 में यहां पर होम्योपैथी से लोगों का इलाज शुरू हो गया। देखते ही देखते यहां पर योग से भी इलाज की सुविधा शुरू हो गई। लेकिन पिछले करीब साढ़े 3 वर्षों से आयुर्वेदिक औषद्यायलयों पर आवश्यकता अनुसार दवाइयों का स्टाक नहीं पहुंच रहा। चिकित्सकों ने बताया कि कि जब से दवाइयों को स्टाक कम पहुंचने से पहले यहां पर रोजाना करीब 200 लोग इलाज करवाने पहुंचते थे। लेकिन अब ओपीडी आधी रह गई है। लोग लगातार इलाज करवाने की बजाए छोड़ रहे हैं। गांव शेखपुरिया राजकीय औषद्यालय में सेवा दे रहे आयुर्वेेदिक मेडिकल ऑफिसर डॉ. अशोक सहगल ने बताया कि वे गांव शेखपुरिया के औषद्यालय में पहुंचने वाले मरीजों का आयुर्वेदिक पद्धति से इलाज करते हैं। साथ में नागरिक अस्पताल सिरसा में भी हर मंगलवार व शनिवार को टाइम निकाल कर मरीजों को इलाज कर रहे हैं। जिसके चलते उनको परेशानी का समाना करना पड़ रहा है।
17 चिकित्सकों के पद खाली
जिले में कुल 39 आयुर्वेदिक औषद्यालय हैं। लेकिन इनमें 17 आयुर्वेदिक चिकित्सकों की कमी है। ऐसे में मरीज को फार्मासिस्ट दवाई तो दे सकता है लेकिन जांच नहीं कर सकता है। इसके लिए डॉक्टर की आवश्यकता होती है। लेकिन जिन राजकीय औषद्यालयों पर चिकित्सकों के पद खाली पड़े हुए है। वहां पर फार्मासिस्ट ही दवाई दे रहे हैं। इसके अलावा पूरे जिले में होम्योपैथी के एक ही स्पेशलिस्ट चिकित्सक है।
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वर्जन
रिक्त पदों के बारे में कई बार मुख्यालय को पत्र भेज कर अवगत करवाया जा चुका है। उम्मीद है जल्द ही रिक्त पद भर जाएं। इसके अलावा पिछले कई वर्षों से ही दवाओं का स्टाक कम पहुंच रहा है। दवाओं के अधिक स्टाक के लिए उन्होंने डिमांड भेज दी है।
- डॉ. गिरिश चौधरी, जिला आयुर्वेदिक अधिकारी, सिरसा।
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