अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा। रेलवे स्टेशन पर बुधवार तड़के गश्त कर रहे रेलवे पुलिस फोर्स के जवानों को एक दस वर्षीय बच्चा लावारिस हालत में मिला। पुलिस ने उससे पूछताछ की तो बच्चे ने बताया कि उसका नाम जोगेंद्र यादव है और बहादुरगढ़ रेलवे स्टेशन के पास कुछ युवक उससे 500 रुपये छीनकर रेलगाड़ी में चढ़ गए थे। उनका पीछा करते हुए वह भी रेलगाड़ी मेें चढ़ गया। हालांकि बच्चे को वो युवक तो नहीं मिले, मगर उन्हें ढूंढने के लिए बच्चे ने 236 किलोमीटर का सफर तय किया। रेलवे सुरक्षा बल ने बच्चे से परिजनों से संपर्क करके उन्हेें सिरसा बुलाया।
परिजन सिरसा पहुंचे तो जोगेंद्र को देखकर उनकी आंखें छलक आई। जोगेंद्र ने बताया कि मंगलवार दोपहर उसके पिता कमलदीप यादव ने उसे कंप्यूटर सेंटर की फीस भरने के लिए 500 रुपये दिए थे। वह शाम करीब साढ़े सात बजे कंप्यूटर सेंटर जा रहा था। रेलवे लाइन के पास तीन युवकों ने उससे रुपये छीन लिए और स्टेशन की ओर भाग गए। जोगेंद्र उनका पीछा करते हुआ स्टेशन पर पहुंच गया। इसी बीच तीनों युवक स्टेशन पर खड़ी रेलगाड़ी में चढ़ गए। जोगेंद्र भी रेलगाड़ी में चढ़ गया। रेलगाड़ी जिस भी स्टेशन पर रुकी जोगेंद्र युवकों की तलाश में दूसरे डिब्बों मेें चढ़ता गया। आखिर देर रात रेलगाड़ी सिरसा स्टेशन पर पहुंची। इसके बाद जोगेेंद्र स्टेशन प्लेटफार्म पर सो गया। तड़के चार बजे स्टेशन पर गश्त कर रहे आरपीएफ थाना प्रभारी रामचंद्र व हवलदार मदनलाल की नजर उस पर पड़ी। उन्होंने जोगेंद्र से पूछताछ करके सारा घटनाक्रम जाना और उसके परिजनों को सूचित किया।
मां-बाप ने रोते हुए गुजारी रात
जोगेेंद्र कंप्यूटर सेंटर से वापस घर नहीं लौटा तो पिता कमलजीत यादव व मां मायादेवी उसकी तलाश में जुट गए। सारी रात तलाश करने पर भी उन्हें जोगेंद्र का कुछ पता नहीं चला। पिता कलमजीत यादव का कहना है कि जोगेंद्र का कुछ पता नहीं चलने पर उन्होंने रोते हुए सारी रात गुजारी। सुबह पुलिस में शिकायत दर्ज करवाने की सोच रहे थे कि सिरसा आरपीएफ थाने से उनके पास फोन आ गया।
बहादुरगढ़ मेें मजदूरी करता है पिता
बिहार के जिला आरा निवासी कमलदीप यादव पिछले कुछ वर्षों से बहादुरगढ़ में मजदूरी करता है। वह अपने परिवार सहित बहादुरगढ़ की छोटूराम कॉलोनी में रह रहा है। उसका दस वर्षीय बेटा जोगेंद्र यादव कक्षा पांचवीं में पढ़ता है और रेलवे स्टेशन के पास स्थित एक कंप्यूटर सेंटर मेें कंप्यूटर सीखता है।
बुधवार तड़के रेलवे स्टेशन पर एक बच्चा लावारिस हालत में मिला था। पूछताछ करने पर पता चला कि बच्चे का परिवार बहादुरगढ़ रेलवे स्टेशन के पास स्थित छोटूराम कॉलोनी में रहता है। परिजनों से संपर्क करके उन्हें सिरसा बुलाया गया। जरूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद बच्चे को परिजनों से मिला दिया गया। पूछताछ में बच्चे ने बताया है कि तीन युवकों ने उससे पांच सौ रुपये छीन लिए थे। युवकों का पीछा करता हुआ वह ट्रेन में चढ़ गया।
- रामचंद्र, कार्यवाहक इंचार्ज, आरपीएफ थाना, सिरसा।