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टोल नाके पर तैनात पुलिस कर्मी बोले, हमें तो उपर से आदेश हैं, हम बस को आगे नहीं जाने देंगे

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सीएम को काले झंडे दिखाने जा रहे एनएचएम कर्मियों को भावदीन टोल नाके पर रोका
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सिरसा। बरवाला की कपास रैली में सीएम को काले झंडे दिखाने जा रहे एनएचएम कर्मचारियों की बस हिसार रोड स्थित भावदीन टोल नाके पर पुलिस कर्मचारियों ने रोक ली। 10 से 15 मिनट तक बस को यहीं रोके रखा गया। इसके बाद कर्मचारी बस को यहां से वापस लेकर संघर साधा के लोकल रास्ते से होकर बरवाला के लिए रवाना हुए। बरवाला से पहले हाइवे पर पुलिस ने नाका लगा कर बस को रुकवा लिया और कर्मचारियों को वहां पहले से खड़ी पुलिस की बस में बैठा लिया। इसके बाद पुलिस कर्मचारियों को अग्रोहा थाने में ले गई। कर्मचारियों का आरोप है कि उनके साथ महिला कर्मचारी भी थे। लेकिन पुलिस के साथ कोई भी महिला कर्मचारी नहीं थी। पुलिस ने जबरदस्ती उन्हें बसों में बैठाया और थाने ले गए।
जानकारी के अनुसार हिसार क्षेत्र के गांव बरवाला में रविवार को सीएम की कपास रैली आयोजित की गई थी। इसमें नियमितीकरण की मांग लेकर काफी समय से संघर्ष कर रहे एनएचएम कर्मचारियों ने कपास रैली में सीएम को काले झंडे दिखाने का ऐलान किया था। रविवार सुबह करीब 9 बजे एक निजी बस में 30 से 40 कर्मचारी बस स्टैंड से रवाना हुए। सिरसा हिसार रोड पर गांव भावदीन के निकट टोल नाके पर बस को पुलिस कर्मचारियों ने रोक लिया गया। जब कर्मचारियों ने बस से उतरकर पुलिस कर्मचारियों से बस को रोकने का कारण पूछा तो उन्होंने कहा कि उन्हें ऊपर से आदेश हैं। बस को आगे नहीं जाने देना। हालांकि कर्मचारियों ने पुलिस कर्मियों से कहा कि वे सीएम को काले झंडे नहीं दिखाएंगे और सिर्फ बातचीत के लिए जा रहे हैं। लेकिन इसके बावजूद पुलिस कर्मचारियों ने बस को नहीं निकलने दिया गया। ऐसे में कर्मचारियों ने चालाकी बरतते हुए बस टोल प्लाजा से आधा किलोमीटर पीछे आकर कर्मचारी बस को वापस लेकर संघरसाधा गांव के लोकल रास्ते से होकर डिंग मोड़ से हिसार हाइवे पर चढ़ गए और फिर से बरवाला के लिए निकल गए। डिंग थाने ने बरवाला पुलिस को बस नंबर नोट करा कर सूचना दे दी थी। ऐसे में जैसे ही बस बरवाला के पास पहुंची तो पहले से नाका लगाकर बैठी पुलिस ने बस को रुकवा लिया और कर्मचारियों को बस से उतारकर पुलिस की खड़ी बसों में बैठा लिया। इसके बाद पुलिस कर्मचारियों को बस में बैठाकर अग्रोहा थाने में ले गई और वहीं बैठाए रखा।
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महिला कर्मियों की बिगड़ी तबियत: जिला प्रधान
सीएम को काले झंडे दिखाने के लिए रवाना हुए कर्मचारियों में 10 से 15 महिला कर्मचारी भी थीं। बरवाला नाके पर पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद पुलिस सभी कर्मचारियों को अग्रोहा थाने में ले गई। एनएचएम कर्मचारी संघ के जिला प्रधान कुंदन गावड़िया ने बताया कि उमस भरी गर्मी के कारण तीन-चार महिला कर्मचारियों की तबियत बिगड़ गई। कर्मचारियों द्वारा पुलिस को अवगत करवाने के बाद भी महिला कर्मचारियों के लिए प्राथमिक उपचार की कोई व्यवस्था नहीं की गई। प्रधान ने कहा कि एक तरफ तो केंद्र व राज्य की सरकार बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा दे रही है। दूसरी ओर हकों के लिए संघर्ष कर रही बेटियां सड़कों पर हैं। यही नहीं संघर्ष करने वाली इन बेटियों को पुरुष पुलिस कर्मचारी धक्केशाही कर बसों में लेकर जा रहे हैं। जबकि उनके साथ कोई महिला पुलिस कर्मी नहीं थी। उन्होंने कहा कि अगर सरकार बेटियों को लेकर सजग है तो उनका पहले सम्मान करना सीखे।
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कोट्स:
कानून व्यवस्था बनाए रखना पुलिस का काम है। कानून व्यवस्था बनाए रखने व सुरक्षा की दृष्टि से बस को रोका गया था। इसमें सरकार का कोई रोल नहीं है। मेरे कहने से कर्मचारी वापस भी चले गए थे। उन्होंने बाकायदा बरवाला पुलिस को कर्मचारियों की बस का नंबर भी दिया था, ताकि कर्मचारी किसी और रास्ते से न पहुंच जाएं।
- कंवर सिंह, डिंग थाना प्रभारी।
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