अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा।
शहर में नगर परिषद के गठन को इस माह एक साल हो गया है, लेकिन शहर का विकास अभी भी वहीं का वहीं है। एक साल में सड़क बनना तो दूर की बात एक गली का विकास भी नहीं कराया गया। आलम ये है कि शहर की सड़कों की हालत खस्ता है। वहीं एक साल में सीएम का दम भी बेदम नजर आ रहा है। अपनी पांचों रैलियों में चीख-चीख कर छह माह में सुधारीकरण का वादा अब हवा होने लगा है। सड़कों पर बड़े-बड़े गड्ढों से राहगीरों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन प्रशासन इस ओर से आंख मूंदे बैठा है। वाल्मीकि चौक से सिविल अस्पताल तक पौना किलोमीटर की सड़क गड्ढों में बदल गई है।
सिविल अस्पताल को जाने वाला यह महत्वपूर्ण मार्ग है। चिंताजनक पहलू ही है कि इस महत्वपूर्ण मार्ग पर एंबुलेंस पर आने वाला मरीज वाईब्रेशन पर रहता है। हर रोज यहां से सैकड़ों वाहन गुजरते हैं। रोड पर जगह-जगह गड्ढों की वजह से अकसर मरीज एवं उसके तीमारदारों को परेशानी उठानी पड़ती है। अकेले सिविल अस्पताल रोड ही नहीं शहर के अनेक महत्वपूर्ण सड़कों की ऐसी ही दशा है। शहर के पॉश इलाके बी ब्लॉक और सी ब्लॉक में आधा दर्जन सड़कें गड्ढों में बदल गई हैं। पॉश इलाके हुडा सेक्टर 20 में भी यही आलम है तो वहीं सिविल अस्पताल को जाने वाले एक और मार्ग इंडस्ट्रियल एरिया रोड तो पूरी तरह से गड्ढों में ही बदल गया है।
दरअसल शहर के तमाम इलाकों में सड़काें की स्थिति दयनीय है। अनाजमंडी एरिया हो या फिर शहर का कोई पॉश इलाका हर जगह यही हाल है। आलम यह है कि पिछले सवा बरस से नगर परिषद ने शहर में एक भी गली का निर्माण नहीं करवाया है। बी-ब्लॉक शहर के पॉश इलाकों में शुमार है। यहां राजीव गांधी पार्क रोड के अलावा बी ब्लॉक को सी ब्लॉक को जोड़ने वाले रोड की दशा काफी खराब है। काफी वक्त पहले बना यह रोड अब पूरी तरह जर्जर हो गया है। आलम यह है कि बीते रोज हुई जरा सी बरसात के बाद रोड की दशा और अधिक खराब हो गई है। इसी तरह से ई ब्लॉक में तुरियानंद आश्रम रोड की भी यही दशा है। इसी तरह से लोगों को बेहतरीन सुविधाएं देने का वादा करने वाले हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के सेक्टर 19 एवं 20 में भी यही आलम है। यहां के आधे से अधिक मार्गों की दशा बेहद खराब हो चुकी है।
सीएम ने किया था दावा
सड़काें की दशा काफी खराब है। वाहन चलाते समय पूरा बदन वाईब्रेशन मोड पर रहता है। इस वजह से वाहनों के रखरखाव पर भी अधिक खर्च होता है। खास बात यह है कि यह स्थिति तब है जब मुख्यमंत्री मनोहर लाल पिछले बरस जिला में हलका स्तर पर हुई पांचों रैलियों में चीख-चीख कर छह माह में तमाम सड़कों और गलियों को पक्का करने का दावा किया था।
-नीतू सोनी, नगर पार्षद।
चार माह से नहीं हुए टेंडर
खास बात यह है कि बी ब्लॉक एवं सी ब्लॉक की खस्ताहाल सड़कों को लेकर 20 जुलाई को बी ब्लॉक के लोगों ने उपायुक्त को लिखित में पत्र देकर मरम्मत की गुहार लगाई थी। युवा नेता राजन मेहता का कहना है कि इसके बाद उपायुक्त ने डी प्लान से 48 लाख रुपये की मंजूर कर दिए और 23 एवं 25 लाख रुपये की दो किश्तें नगर परिषद को जारी की गई। राजन मेहता का कहना है कि अभी तक इस राशि का टेंडर ही नहीं किया गया। साढ़े 4 माह से टेंडर न होने से सड़कों की मरम्मत नहीं हो पाई है। बी ब्लॉक निवासी राजन मेहता, सोमनाथ मिगलानी, मनोज कंदोई, अजय फुटेला बताते हैं कि अगर जल्द ही शहर की सड़काें की दशा नहीं सुधरी तो वे सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे। राजन मेहता का कहना है कि अगर दस दिनों में त्वरित कार्य नहीं हुआ तो वे युवाओं को साथ लेकर शहर में आंदोलन करेंगे।
जर्जर सड़कें बिगाड़ रही हैं स्वास्थ्य
जर्जर हो चुकी सड़कों से राहगीरों और स्थानीय लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बड़े-बड़े गड्ढों में तबदील हो चुकी यह सड़कों से वाहनों की दुर्दशा तो कर ही रही हैं, साथ ही लोगों के स्वास्थ्य पर भी बुरा असर कर रही हैं। इन बदहाल सड़कों पर मोटरसाइकिल दौड़ाने वालों में कमर दर्द की बीमारी जन्म लेने लगी है। इसके अलावा हवा में उड़ रहे धूल के कण राहगीरों और स्थानीय लोगों को बीमार कर रहे हैं। बड़े-बड़े और गहरे गड्ढों के कारण लोग दुर्घटनाओं का भी शिकार बन रहे हैं।
जल्द जारी होंगे टेंडर
हाउस की बैठक का आयोजन जल्द ही किया जाएगा। 19 गलियाें के संदर्भ में उपायुक्त ने मंजूरी दे दी है। सभी पेंडिंग कार्यों को लेकर बैठक में चर्चा की जाएगी। सभी पेंडिंग कार्य सिलसिलेवार पूरे करवाने के प्रयास किए जाएंगे।
-शीला सहगल, नगर परिषद अध्यक्ष, सिरसा।