संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। जिले के दो सरकारी स्कूलों में भवन निर्माण संबंधी फाइलों पर मुख्यालय के अधिकारियों व मुख्यमंत्री के साथ हुई चर्चा के बाद विशेष जांच शुरू हो गई है। सोमवार को जिला शिक्षा अधिकारी, बीईओ व विभाग के एसडीओ, जेई की टीम ने गांव भरोखा और सिरसा के खैरपुर के सरकारी स्कूल का निरीक्षण किया। हालांकि, इस जांच को लेकर मुख्यालय से भी विशेष टीम आने की उम्मीद थी जो नहीं आई। जिला शिक्षा अधिकारी सुभाष फुटेला की अगुवाई में जांच की गई और कई अहम निर्णय लिए गए।
राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल खैरपुर के 12 कमरों को कंडम घोषित कर दिया गया है। कंडम घोषित करने के बाद अब स्कूल को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता हैं। कारण यह कि 1 जुलाई को सरकारी स्कूल खुलने वाले हैं। अब देखना यह है कि स्कूल के 12 कमरों को कंडम घोषित करने के बाद कमेटी क्या निर्णय लेती है। निरीक्षण के दौरान डीईओ सुभाष फुटेला, डीपीसी कृष्ण कुमार, बीईओ रमेश कुमार, एसडीओ मनमीत सिंह, भरोखां स्कूल के प्रिंसिपल वेद रोज मौजूद रहे।
राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल खैरपुर में 12 कमरे सालों पहले बनाए थे। साथ ही बरामदों का निर्माण किया गया था। कुछ साल पहले कमरों की छत को कंडम घोषित कर दिया गया और कमरों की छतों को बदल दिया गया। साथ लगते बरामदों की छतों को बदलने की जहमत नहीं उठाई गई। यही इंजीनियर की तकनीकी गलती अब भारी पड़ रही है।
मुख्यालय में जब उच्चाधिकारियों के समक्ष बरामदों की मरम्मत की फाइल पहुंची तो सभी हैरान रह गए। वहीं, बैठक में अधिकारियों को इंजीनियर ने बताया कि कुछ साल पहले कमरों की छतों को ऊपर उठाया गया है लेकिन बरामदे ऊपर नहीं उठाए गए। अब बरामदों को ऊपर उठाने की जरूरत है। इस पर सभी हैरान रह गए क्योंकि यह तकनीकी रूप से संभव नहीं है।
कंडम भवनों पर मुख्यमंत्री ने की थी बैठक : प्रदेश के कंडम भवनों को लेकर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हाल ही में शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों से बैठक की थी। बैठक के दौरान प्रदेश के सभी कंडम स्कूलों के हालात पर विचार-विमर्श हुआ था। सभी की ग्राउंड की स्थिति जांचने के आदेश दिए गए थे। इसको लेकर मुख्यालय से अधिकारियों की टीम आने की सूचना जिला शिक्षा अधिकारियों को जारी की गई थी। ऐसे में छुट्टी के दिन भी स्कूलों में जिला शिक्षा अधिकारी से लेकर प्रिंसिपल आदि मौजूद रहे।