अमर उजाला ब्यूरो।
सिरसा। अनाज मंडी सिरसा में बीते दिनों हो रही बारिश तथा मौसम के खराब होने के चलते किसानों की मंडी में पड़ी फसल अब खराब होने लगी है।
अरनियां वाली से किसान विकास डूडी, सुभाष, वकील तथा महेंद्र ने बताया कि उनकी फसल मंडी में डाल हुए तीन दिन हो गए है। लेकिन अभी तक बोली के लिए कोई नहीं आया है। उन्होंने बताया कि उनकी गेहूं की फसल बारिश में भीगने के कारण नमी की मात्रा अधिक हो गई थी। जिस वजह से उनकी फसल की बोली नहीं लग पाई। तीन दिन बीतने के बाद उनकी फसल अब खराब होने लगी है। गेहूं के दाने अब काले पड़ने लगे हैं। किसानों को अपनी फसलों को लेकर चिंता सता रही है। वहीं विकास ने बताया कि पहले तो आनलाइन के चक्कर में सरसों की फसल का रजिस्ट्रेशन देरी से हुआ तथा इसके बाद अब गेहूं की फसल नहीं बिक रही है। गांव रंधावा से आए किसान ओमप्रकाश ने बताया कि इतनी ही फसल घर पर ही पड़ी है। अगर यहीं नहीं बिकेगी तो ओर कहां से लाएंगे। किसान ने बताया कि उनको फसल को डाले हुए तीन दिन हो गए हैं। गेहूं के खराब होने के साथ ही हमें सारी रात बैठ कर निकालनी पड़ रही है। यहां पर रात को ना ही तो बिजली का कोई प्रबंध है तथा रात में मच्छर भी बहुत ज्यादा होते हैं। कोई भी अधिकारी हमारी बात नहीं सुन रहा है। अभी तक किसी भी किसान के पास कोई भी अधिकारी नहीं आया है। किसानों को मंडी में बैठे हुए तीन दिन हो गए हैं।
वहीं सरकार 12 प्रतिशत से अधिक की नमी की फसल को खरीद नहीं रही है। किसान ओमप्रकाश ने बताया कि उसके गेहूं के करीब 1200 कट्टे पड़े हैं। अब दिन में मौसम का भी कोई पता नहीं लग रहा। दो दिन हुई बारिश के कारण हमारे बहुत नुकसान हुआ है। कमेटी मैनेजर ओमप्रकाश ने बताया कि किसानों की फसल में नमी अधिक है जिस कारण से हम ले नहीं सकते। हमने टोकन नंबर के हिसाब से सभी ढेरी की नमी की जांच की है।
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हमें मुख्यालय से आदेश है कि गेहूं की 12 प्रतिशत तथा सरसों की 8 प्रतिशत से अधिक नमी की फसल को नहीं खरीदा जाएगा। हमने किसानों से पहले भी आग्रह किया था कि अपनी सूखी फसल ही मंडी में लेकर आए। जिन किसानों की फसल में नमी है उनका हम तोल नहीं कर रहे। नमी अधिक होने के कारण ही गेहूं का दाना काला पड़ रहा है। सरसों के रजिस्ट्रेशन अभी चल रहे हैं दो दिन में पूरे कर लिए जाएंगे।
--विकास सेतिया, सचिव मार्केट कमेटी, सिरसा।
फोटो --07 व 08