अमर उजाला ब्यूरो
ओढां। गांव नुहियांवाली में बीते दिन ट्रक सवार लोगों द्वारा गोवंश को फेंककर फरार हो जाने का मामला तूल पकड़ गया है। शनिवार को एक किसान ने उसके खेत में बछड़े का कंकाल पड़ा होने की सूचना गोशाला कमेटी को दी। जिसके बाद गोशाला कमेटी ने मौके पर पहुुंचकर पुलिस को सूचित किया। सूचना पाकर थाना प्रभारी पवन कुमार ने मौके पर पहुंचकर मामले की जानकारी ली।
गोशाला कमेटी के प्रधान देवीलाल नेहरा व रामचन्द्र स्वामी ने बताया कि ट्रक सवारों द्वारा ट्रक से गोवंश उतारने के बाद गोवंश राजपुरा व नुहियांवाली में घुस गया। जो छोटे बछड़े व बछड़ियां थीं, उन्हेें आवारा कुत्तों ने अपना शिकार बना लिया। उन्होंने बताया कि करीब 20 गोवंश को नुहियांवाली गोशाला में रखा गया है, जिनमें से कुछ चोटिल अवस्था में हैं। कमेटी सदस्यों ने थाना प्रभारी को गेहूं में कुत्तों द्वारा नोचकर खाए गए गोवंश के अवशेष भी दिखाए। वहीं इस मामले की लोगों ने निंदा करते हुए कहा कि आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। थाना प्रभारी ने गोशाला कमेटी को आश्वस्त किया कि वे इस मामले में आरोपियों के खिलाफ किसी तरह कि कोई नरमी नहीं बरती जाएगी। एक बछड़े के कान में लगे बारकोड युक्त टैग के आधार पर पुलिस ने नेजाडेला खुर्द में चल रहे पशुबाड़े के पदाधिकारियों को भी थाने में तलब किया। लेकिन वे नहीं पहुंचे। नुहियांवाली की गोशाला कमेटी का कहना है कि ये गोवंश नेजाडेला खुर्द के पशुबाड़े से भरा गया था। गोवंश को ट्रक से फेंकने से पूर्व उक्त लोगों ने उनके कानों से बारकोड युक्त टैग काट लिए थे। लेकिन एक बछड़े के कान में टैग रह जाने की वजह से पहचान हो पाई। गोशाला संघ के जिलाध्यक्ष योगेश बिश्नोई ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए ताकि इससे अन्य को भी सबक मिले।