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माइनर निगरानी कमेटी और पंचायतों ने पाइप साइज चार से छह इंच तक रखने का दिया शपथ पत्र, जो साइज बड़ा करेगा ,उसकी पाइप उखाड़ेगी खुद

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अमर उजाला ब्यूरो
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सिरसा। ओटू वियर से निकलने वाले मंगाला जमाल माइनर में डाली गई पाइप लाइन को उखाड़ने की सूचना मिलने पर शुक्रवार को गांव माधोसिंघाना में करीब पांच गांवों के ग्रामीण इकट्ठे हो गए। इसकी सूचना मिलने पर सिंचाई विभाग के अधिकारी कार्रवाई करने मौके पर नहीं पहुंचे। काफी देर इंतजार करने के बाद किसान सिंचाई विभाग के कार्यालय में ही पहुंच गए। वहां किसानों ने अधिकारियों से माइनर में पानी छोड़ने की मांग की। इसके अलावा विभाग के अधिकारियों को मोगियों का साइज चार और छह इंची करने का शपथ पत्र भी दिया।
आपको बता दें कि मंगाला जमाल माइनर में पिछले दो महीने से पानी नहीं छोड़ा जा रहा है। इसका कारण किसानों द्वारा लगाई गई मोगियों का साइज बड़ा होना है। इसके बारे में प्रशासनिक अधिकारी और किसान कई बार वार्तालाप भी कर चुके हैं, मगर अभी तक समस्या का समाधान नहीं निकला है। किसानों द्वारा मोगियों का साइज छोटा नहीं करने पर शुक्रवार को प्रशासन और सिंचाई विभाग ने पाइप उखाड़ने की कार्रवाई करने की योजना बनाई थी। विभाग की इस योजना की भनक किसानों को भी लग गई। सूचना ही मिलते ही मंगाला, माधोसिंघाना, गुड़िया खेड़ा, कुतियाना और जमाल गांवों के किसान माइनर पर पहुंच गए। किसानों के पहुंचने की सूचना मिलने पर विभाग की टीम ने अपनी कार्रवाई स्थगित कर दी।
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10 हजार एकड़ जमीन की होती है सिंचाई
ओटू वियर से मंगाला जमाल माइनर निकलता है। इससे मंगाला, माधोसिंघाना, गुड़िया खेड़ा, कुतियाना और जमाल गांवों की करीब दस हजार एकड़ भूमि की सिंचाई होती है। इस फ्लडी माइनर में इन गांवों के किसानों ने पाइप लाइन डाली हुई थी। पहले इसके साइज किसानों ने अपनी इच्छानुसार रखे हुए थे। जमाल गांव के ही कुछ लोगों ने टेल पर पानी न पहुंचने की शिकायतें डीसी और सिंचाई विभाग के पास की थी। उसके बाद से ही यह विवाद चल रहा है।

चार व छह इंच के पाइप विभाग ने किए मंजूर
माधोसिंघाना गांव की माइनर निगरानी कमेटी के प्रधान रमेश बिरड़ा ने बताया कि माइनर से करीब दस हजार एकड़ भूमि की सिंचाई होती है। पहले माइनर पर पाइप के साइज 12 से लेकर 18 इंच तक थे। विभाग ने इसे चार और छह इंच तक करने के निर्देश दिए। जिस किसान का रकबा कम है वह चार इंच व जिसका रकबा ज्यादा व छह इंच करेंगे। जो भी किसान बड़े साइज का पाइप लगाएगा पंचायत और कमेटी उसकी पाइप लाइन उखाड़ेगी। इस मौके पर किसान रमेश बिरड़ा, कृष्ण जांदू, हवा सिंह कालीरामण, हरीराम, रामनिवास, प्रहलाद सिंह, मांगेराम कस्वां, विनोद सहारण, सतपाल आदि उपस्थित थे।

35 किसानों पर दर्ज हो चुके हैं मामले
मंगाला माइनर में पानी चोरी के आरोप में 35 किसानों के पानी चोरी के मामले दर्ज हो चुके हैं। सिंचाई विभाग ने कई किसानों की पाइप लाइन भी उखाड़ कर अपने कब्जे में ली हुई है। मामला बढ़ता देखकर ही मंगाला, माधोसिंघाना, गुड़िया खेड़ा, कुतियाना, जमाल के किसानों ने मंगाला जमाल माइनर की निगरानी कमेटी बनाई। हर गांव से इस कमेटी में रकबा अनुसार सदस्य बनाए गए। जमाल गांव की 27 सदस्य कमेटी बनाई गई थी। कमेटी ने ही निगरानी करनी है कि माइनर पर किसी किसान ने बड़ा साइज तो नहीं लगाया।
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किसानों ने उन्हें शपथ पत्र दे दिया है कि वे पाइप के आगे चार इंच और 6 इंच से बड़ा साइज नहीं रखेंगे। हम यह रिपोर्ट डीसी को प्रस्तुत करेंगे। माइनर में सिंचाई के लिए जल्दी ही पानी छुड़वाया जाएगा।
- संदीप कुमार, एसडीओ, सिंचाई विभाग घग्गर डिवीजन।
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