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मल्लेकां पीएचसी मामला: सिस्टम को सुधारने की बजाय अधिकारी ही स्टाफ की गलतियों पर डाल रहे पर्दा

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दूसरे दिन भी चिकित्सक नहीं पहुंचे ड्यूटी पर
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मल्लेकां पीएचसी का मामला: सोमवार को जांच कमेटी ने दर्ज किए थे शिकायतकर्ता व स्टाफ सदस्यों के बयान
अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा। मल्लेकां पीएचसी में नियुक्त स्टाफ के ड्यूटी पर न पहुंचने के मामले में उपायुक्त, सीएम व स्वास्थ्य मंत्री को दी गई शिकायत पर सोमवार को जहां जांच कमेटी ने शिकायतकर्ता व स्टाफ सदस्यों के बयान दर्ज किए थे। इस दौरान जांच कमेटी सदस्यों ने स्टाफ सदस्यों को सख्त लहजे में समय पर ड्यूटी आने व मरीजों से प्यार से पेश आने को कहा था। दूसरे ही दिन जहां चिकित्सक ड्यूटी पर नहीं पहुंची तो वहीं दूसरे स्टाफ सदस्य ढाई बजे ही केंद्र से चलते बने। वहीं शुक्रवार को एक बार फिर स्वास्थ्य विभाग की ओर से शिकायतकर्ता भुर्टवाला निवासी रवि को मल्लेकां पीएचसी में जांच में शामिल होने के लिए बुलाया गया है।
मल्लेकां पीएचसी में चल रही गड़बड़ी को लेकर भुर्टवाला निवासी रवि ने उपायुक्त, सीएम व स्वास्थ्य मंत्री को सबूतों के साथ शिकायत भेजी थी। जांच की आंच उन तक न आए, इसलिए केंद्र के स्टाफ ने वहां पड़े दवाओं के स्टॉक व रजिस्टरों को तीन अप्रैल को आग के हवाले कर दिया। किसी जागरूक नागरिक ने इस घटना को देखकर जलाए गए रिकॉर्ड से दवाएं व कुछ रजिस्टर उठा लिए। यही दवा व रजिस्टर इन स्टाफ सदस्यों के गले की फांस बन सकते हैं। जो दवाएं जलाई गई हैं, उनकी अभी एक्सपायरी तिथि भी 2020-21 की है। मरीजों की शिकायत थी कि केंद्र में जब भी दवा लेने आते हैं तो स्टाफ सदस्य दवाएं न होने का रोना रोते हैं और उन्हें सिरसा व ऐलनाबाद जाने को बोलते हैं।
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कोट्स:
-दवाएं व रिकॉर्ड जलाने का मामला गंभीर है। अगर स्टाफ ने ऐसा किया है तो कार्रवाई की जाएगी। शुक्रवार को फिर से जांच कमेटी द्वारा जांच की जाएगी। जो डॉक्टर जांच में शामिल नहीं हुआ है, उसे भी बुलाया गया है।
डॉ. नरेश सहारण, जांच अधिकारी और एसएमओ रानियां।
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