अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा। नगरपरिषद कार्यालय में सोमवार को गलियों की पेमेंट, सफाई व्यवस्था और लाइट के टेंडर के मुद्दों को लेकर पार्षदों, ईओ और ठेकेदारों की बीच बंद कमरे में बैठक हुई। बैठक से पहले प्रधान शीला सहगल ने ईओ को पत्र भेज कर इन्हीं तीन मुद्दों पर स्पष्टीकरण देने के लिए पत्र भेजा। इस दौरान बैठक में नगर परिषद चेयरपर्सन प्रतिनिधि राजकुमार सहगल, पार्षद विकास गुज्जर, विकास जैन, पार्षद संगीता सचदेवा, कौशल्या देवी और सत्तापक्ष के पार्षद मौजूद थे।
करीब 12 बजे प्रधान शीला सहगल के कार्यालय में बने पिछले कमरे में ईओ वीरेंद्र सहारण, एसडीओ श्रवण कुमार, पार्षद विकास गुज्जर, पार्षद विकास जैन के साथ बंद कमरे में मीटिंग की। मीटिंग में शुरूआत में दोनों पक्षों में गहमागहमी हुई। प्रधान प्रतिनिधि राजकुमार सहगल और पार्षद विकास गुज्जर, विकास जैन ने कहा कि शहर में विकास कार्य रूक गए है और लोगों को हमें जवाब देना पड़ रहा है। ठेकेदारों ने भुगतान न होने पर काम बंद कर दिया है। ठेकेदार कह रहे हैं कि पेमेंट नहीं हो रही। तब ईओ ने कहा कि बिना मॉनिटरिंग वे कैसे पेमेंट की फाइल पास कर दें। पहले के अधिकारियों ने बिना मॉनिटरिंग ही फाइलें पास कर दी। जिसमें अब विजिलेंस जांच चल रही है। बीआरजीएफ की लाइट घोटाला की इंक्वायरी चल रही है। इसलिए ऐसे में बिना साइट मॉनिटरिंग के फाइल कैसे पास की जा सकती है। इस दौरान भुगतान के मामले के संबंध में दोनों पक्षों में बंद कमरे में गहमागहमी हुई।
ठेकेदारों ने कहा कि 10 प्रतिशत पेमेंट रोकी जाए
ठेकेदारों ने कहा कि नियम अनुसार यदि मॉनिटरिंग नहीं हो रही तो 90 प्रतिशत पेमेंट का भुगतान किया जाए। दस प्रतिशत पेमेंट रोकी जाए। पार्षदों ने कहा कि यदि इन्हें पेमेंट का भुगतान नहीं किया तो काम कैसे होंगे। ठेकेदारों ने कहा कि 30 प्रतिशत पेमेंट रोकने की बजाए नियमों के तहत दस प्रतिशत पेमेंट रोक ली जाए। वहीं ईओ ने कहा कि केवल वहीं फाइलें निकाली जाएगी जिन पर मॉनिटरिंग होने के बाद एसडीओ या किसी अन्य अधिकारी द्वारा सर्टिफिकेट दिया जाएगा। उनके पास आज 6 फाइलें आई है और इनकी पेमेंट करने के लिए हस्ताक्षर भी किए है।
प्रधान प्रतिनिधि ने कहा कि नगर परिषद में अतिरिक्त सफाई कर्मचारी क्यों नहीं रखे जा रहे। ईओ ने कहा कि सरकार ने पिछले दिनों पत्र जारी करके आउटसोर्सिंग के तहत कर्मचारियों की भर्ती पर रोक लगा दी है। ऐसे में वे किस तरीके से सफाई कर्मचारी लगा सकते हैं। पार्षदों ने कहा कि बिजली का टेंडर क्यों नहीं हुआ। ईओ ने जवाब दिया कि टेंडर की फाइल डीसी के पास गई हैं और उन्होंने निदेशक को पत्र लिखा हुआ है। ठेकेदार अंशुल गोयल ने बताया कि करीब 6 फाइलें निकलने के बाद बैठक खत्म हुई। जिसमें कि 30 लाख का भुगतान किया गया है।
ठेकेदारों की कुल गलियों की फाइलें निकाली गई। करीब 30 लाख रुपये की फाइलों पर हस्ताक्षर किए। ये वे फाइलें है जिनकी गलियां की मॉनिटरिंग हो गई हैं और इन्हें कंप्लीशेन सर्टिफिकेट मिला है। वे उन्हीं फाइल पर हस्ताक्षर करेंगे, जिनको कंप्लीशन सर्टिफिकेट मिल गया। क्योंकि उनके कार्यकाल से पहले बिना मॉनिटरिंग के ही फाइलों पर हस्ताक्षर हुए। जिसमें कुछ गलियों की दोहरी पेमेंट का भुगतान किया जा चुका। मामला विजिलेंस में चल रहा है। बीआरजीएफ का लाइट घोटाले की जांच चल रही है। इसलिए नियमों के तहत ही हस्ताक्षर किए जाएंगे।
वीरेंद्र सहारण, ईओ, सिरसा नगर परिषद।