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आंगनवाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स यूनियन आंदोलन के 19 वें दिन वर्करों ने दी गिरफ्तारियां

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अमर उजाला ब्यूरो
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सिरसा।
जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को ताला लगाकर अपनी मांगों को पूरा करवाने के लिए सरकार व विभाग के साथ मांगों पर कोई सहमति न बनने के रोष स्वरूप शुक्रवार को आंगनबाड़ी व हेल्पर यूनियन की सीटू से संबंधित गुट की करीब 1800 वर्करों ने जेल भरो आंदोलन के तहत गिरफ्तारी दी। कार्यकर्ताओं के जेल भरो आंदोलन की चेतावनी के बाद जिला प्रशासन के हाथ पांव फूले रहे। लघु सचिवालय परिसर व पुलिस लाइन में भारी संख्या में महिला व पुरुष कर्मियों को तैनात किया गया। लघु सचिवालय परिसर में आंदोलन के 19वें दिन शुक्रवार को सीटू से संबधित गुट की कार्यकर्ताओं ने लघु सचिवालय में धरनास्थल पर केंद्र राज्य सरकार को जमकर कोसा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री मनोहर लाल के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन की अध्यक्षता कर रही जिला प्रधान वीरो रानी ने कहा कि सरकार द्वारा की गई घोषणाएं अपर्याप्त हैं, वेतन बढ़ोतरी ऊंट के मुंह में जीरा है। सरकार व प्रशासन के किसी भी अधिकारी ने उनकी बात नहीं सुनी है। कार्यकर्ता अपने हकों के लिए लड़ रही हैं जिसे लेकर रहेंगी। सरकार की गलत नीतियों के विरोध स्वरूप कार्यकर्ता स्वेच्छा से जेल में जाने को तैयार हैं। इसके बाद दोपहर को लघु सचिवालय में धरनास्थल से बरनाला रोड पर पैदल चलते हुए पुलिस लाइन में जाकर 1800 आंगनबाड़ी वर्कर व हेल्पर ने गिरफ्तारी दी।
इस मौके पर आंगनबाड़ी यूनियन की प्रधान वीरो देवी, रितलेश कुमारी, राजरानी, पूजा रानी, सरोजबाला, दुर्गा देवी, कांता देवी, कमलेश रानी, कमला देवी, कौशल्या देवी व रेणूबाला सहित हजारों वर्करों ने गिरफ्तारी देकर आक्रोश जताया।
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जगमति गुट की कार्यकर्ता तीसरे दिन भी रही भूख हड़ताल पर
लघु सचिवालय में आंगनबाड़ी वर्कर व हेल्पर यूनियन की जगमति गुट की कार्यकर्ताओं ने सरकार व विभाग के साथ मांगों पर कोई सहमति न बनने के रोष स्वरूप तीसरे दिन भी भूख हड़ताल जारी रखी। शुक्रवार को लघु सचिवालय में सर्वजीत, माया, बलजीत कौर, अंगूरी, मूर्ति देवी, गुरमीत, कर्मजीत, सुरेश कुमारी, सुनीता व प्रवीन ने भूख हड़ताल रखी। तथा केंद्र व राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस मौके पर राज्य प्रधान जगमति मलिक ने बताया कि एक तरफ तो सरकार बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा देती है और दूसरी तरफ करनाल में जिस प्रकार महिला कर्मचारियों पर पानी की बौछारें करवाई गई व उनसे दुर्व्यवहार किया गया, जोकि निंदनीय है। उन्होंने बताया कि जेल भरो आंदोलन में कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था। जब तक सरकार उनकी मांगों को मान नहीं लेती, वे यहां से नहीं उठने वाली और न ही सेंटर खोलेंगी। अपनी मांगों सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए, गर्मी सर्दी की छुट्टियां दी जाए, वेतन हर माह की 7 तारीख को मिल जाए, सरकार ने जो वर्करों की तनख्वाह को दो हिस्सों में कुशल व अर्द्धकुशल में बांटा है, उसे बराबर किया जाए, सुपरवाइजर के पदों को वर्करों की पदोन्नति से भरे जाएं, अतिरिक्त केंद्र का कार्यभार संभालने वाली वर्कर को आधी तनख्वाह दी जाए, किराया समय पर दिया जाए व मिनी सेंटर को पूरे सेंटर का दर्जा दिया जाए।

मांगों पर सहमति नहीं बनने पर 1800 आंगनबाड़ी वर्कर्स ने दी गिरफ्तारी
लघु सचिवालय में भारी संख्या में तैनात रहे पुरुष व महिला कर्मी
बोलीं- सरकार की गलत नीतियों के कारण कार्यकर्ता स्वेच्छा से जेल जाने को तैयार
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