हरियाणा पात्रता परीक्षा की फीस वृद्धि के विरोध में स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया की सीडीएलयू इकाई ने विश्वविद्यालय के गेट पर बोर्ड चेयरमैन के खिलाफ प्रदर्शन करके पुतला फूंका।
सीडीएलयू इकाई की अध्यक्ष सोनिया ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार लगातार शिक्षा को महंगी करने का काम कर रही है। इस तरह की नीतियां बनाई जा रही हैं, जिसे छात्रों के लिए शिक्षा ग्रहण कर रोजगार प्राप्त करना मुश्किल होता जा रहा है। इसी कड़ी में शिक्षक पात्रता परीक्षा के लिए तीन लेवल के फॉर्म भरे जाते हैं इस वर्ष अभी पात्रता के परीक्षा फार्म भरे जाने हैं, लेकिन फीसों में दोगुनी बढ़ोतरी कर दी गई। पहले ये फीस आरक्षित श्रेणी में 300 रुपये से 600 कर दी और सामान्य श्रेणी के लिए इनमें 600 रुपये से बढ़ाकर एक हजार रुपये कर दी। कुल मिलाकर अब इस फार्म की कीमत 2400 रुपये हो गई है। इस फैसले के पीछे सरकार की मंशा गरीब तबके आने वाले छात्रों को उच्च शिक्षा से बाहर करने की है।
एसएफआई हरियाणा राज्य सह सचिव विनोद गिल ने बताया की आज प्रदेश में शिक्षा और रोजगार भारी संकट में है। शिक्षा लगातार महंगी होती जा रही है युवाओं को नौकरी देने की बात कहकर अनेकों तरह के फॉर्म भरवाए जाते है लेकिन युवाओं से भारी भरकम फीसें भरवाकर भर्ती प्रक्रिया को बीच में ही रोक दिया जाता है। राज्य सह सचिव ने कहा कि हाल में शिक्षक पात्रता परीक्षा फार्म की फीस बढ़ाना छात्र विरोधी कदम है जिसका एसएफआई कड़ा विरोध करती है फीस बढ़ाने के फैसले के खिलाफ एसएफआई ने इस छात्र विरोधी फैसले के खिलाफ विश्वविद्यालयों के तीन मुख्य केंद्र मदवि रोहतक, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, चौ.देवीलाल विश्वविद्यालय सिरसा में विरोध कार्रवाई करते हुए बोर्ड चेयरमैन का पुतला फूंका। अगर सरकार इस फैसले को वापस नहीं लेती है तो एसएफआई पूरे हरियाणा के छात्रों को लामबंध करते हुए बड़े आंदोलन करेगी। प्रदर्शन में दौरान सहज, सोनू, हरजीत, सुनील, रिंकू, करण, जसकरन सिधू, अजय नहरा, जगरूप श्योकंद, सुमित मोर, मनीष पिलानीयां, किरण, रुपेश, ओमप्रकाश, राजकुमार ताऊ, पूजा, पालीराम आदि मुख्य रूप से शामिल रहे।