संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। क्लर्काें की हड़ताल के कारण सरकार का खजाना प्रभावित हो रहा है। जून के मुकाबले जुलाई में जिला प्रशासन के खजाने में 100 करोड़ की राशि कम जमा हुई है, जबकि खर्च जमा राशि से तीन गुणा अधिक है।
जुलाई माह में खजाने में 77 करोड़ राशि जमा हुई है। जून में 170 करोड़ रुपये की राशि जमा हुई थी। बीते 28 दिनों से क्लर्क काम छोड़कर हड़ताल पर बैठे है। इसके चलते 40 प्रकार से अधिक सेवाएं प्रभावित हैं। सरकारी विभागों के कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इनमें जमीन की रजिस्ट्री, डोमिसाइल, लाइसेंस, आरसी, सहित हर प्रकार के कार्य हैं। क्लर्काें की हड़ताल के कारण सरकारी काम बाधित होने के चलते नाम मात्र ही लोग सरकारी कार्यालयों में काम करवाने के लिए पहुंच रहे हैं। अगर कोई व्यक्ति काम करवाने के लिए पहुंच रहा है, तो उसे भी एक जगह से दूसरी जगह पर चक्कर काटकर लौटना पड़ता है। जिला प्रशासन के खजाने में जून में कुल 170 करोड़ रुपये का राजस्व जमा हुआ था, जो जुलाई में क्लर्काें की हड़ताल के कारण जुलाई माह में घटकर 77 करोड़ तक पहुंच गया है। इसके अलावा जुलाई माह में 212 करोड़ रुपये सरकारी विभागों ने जारी किए हैं। वहीं, अभी तक क्लर्क वेतन बढ़ाने की मांग पर अड़े हुए हैं और लगातार धरना प्रदर्शन कर रहे हैं।
कर्मचारियों के वेतन के लिए नहीं मांगा बजट
क्लर्काें की हड़ताल के कारण प्रशासन के पास कई विभागों के कर्मचारियों के वेतन के लिए डिमांड भी नहीं पहुंच पाई है। इस कारण अन्य कर्मचारियों का वेतन जारी होने को लेकर भी अतिरिक्त समय लग सकता है। सरकार ने भी एक अगस्त से क्लर्कों के नो वर्क नो पे की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। क्लर्काें के काम न किए जाने पर उन्हें वेतन भी जारी नहीं किया जाएगा।
वर्जन
क्लर्काे की हड़ताल के कारण राजस्व बीते माह से कम जमा हुआ है। जून माह 177 करोड़ का राजस्व जमा हुआ था, जबकि जुलाई माह में करीब 77 करोड़ की जमा हो पाया है। जुलाई में ही 212 करोड़ रुपये सरकारी विभागों को जारी किए गए हैं। - सुभाष कुमार, असिस्टेंट मैनेजर, खजाना ब्रांच, सिरसा।