संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। पांच साल के मासूम बच्चे से कुकर्म करने के आरोपी को फास्ट ट्रैक कोर्ट ने दोषी करार देते हुए 10 साल कैद व 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना नहीं भरने पर 6 माह अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
23 वर्षीय दोषी बूटा सिंह उर्फ बाबू ने न्यायाधीश प्रवीण कुमार से सजा में नरमी बरतने की गुहार लगाई तो न्यायाधीश ने कहा कि सभ्य समाज में इस प्रकार का घिनौना कृत करने वाला किसी भी रूप में रहम का हकदार नहीं है। इस मामले में थाना कालांवाली पुलिस ने पीड़ित मासूम की मां की शिकायत पर अप्रैल 2019 को एफआईआर दर्ज की थी। पुलिस को दिए बयान में पांच वर्षीय बच्चे की मां ने बताया था कि 5 अप्रैल 2019 की सुबह उसका पति मजदूरी करने चला गया था। उसका छोटा छह वर्षीय पुत्र घर के बाहर खेल रहा था। इसी दौरान पड़ोस में रहने वाला बूटा सिंह उर्फ बाबू निवासी गुरुद्वारा बस्ती मंडी कालांवाली स्कूटी पर बैठकर उनके घर के पास आया। इसके बाद उसके बेटे को चीज दिलाने का लालच देकर स्कूटी पर बैठाकर ले गया। कुछ देर बाद उसका बेटा रोते हुए घर आया, उसकी हालत बहुत खराब थी। बूटा सिंह उर्फ बाबू उसके साथ कुकर्म किया था। पुलिस ने बयान दर्ज करके बूटा सिंह के खिलाफ केस दर्ज करके उसे गिरफ्तार कर लिया। बूटा सिंह ने बताया कि वह बच्चे को स्कूटी पर बैठाकर हड्डा रोड़ी ले गया था। यहां उससे कुकर्म किया। बच्चे की हालत बिगड़ी तो उसने उसे उसके घर के पास छोड़ दिया। मंगलवार को इस मामले का निपटारा करते हुए फास्ट ट्रैक कोर्ट के जज प्रवीण कुमार ने बूटा सिंह उर्फ बाबू को 10 साल कैद की सजा सुना दी।