सिरसा। शहर की वार्डबंदी को लेकर प्रशासन की ओर से आपत्तियां व सुझाव देने का सोमवार का दिन आखिरी दिन रहा। ऐसे में 10 लोगों व पूर्व पार्षदों की ओर से आपत्ति दर्ज करवाई गई है। अब इन आपत्तियों को लेकर उपायुक्त की ओर से बनाई गई, छह सदस्यीय कमेटी सुनवाई करेगी। मंगलवार से सुनवाई की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार उपायुक्त की छह सदस्यीय कमेटी में जिला नगर आयुक्त वीरेंद्र सिंह चेयरमैन है। इसके अतिरिक्त तहसीलदार, नगर परिषद ईओ, परिषद एक्सईएन, डीटीपी व एक अन्य अधिकारी को कमेटी में शामिल किया गया है। जो वार्डबंदी की सुनवाई करेंगे।
बता दें कि नगर परिषद अधिकारियों ने वार्डबंदी फाइनल कर मुख्यालय को भेज दी थी। मुख्यालय के आदेशानुसार 26 अगस्त को अधिसूचना जारी की गई। जिसके अंतर्गत 10 दिनों में शहरवासियों को वार्डबंदी संबंधी अपनी आपत्तियां व सुझाव जमा करवाने थे। वार्डबंदी को लेकर पूर्व पार्षदों ने अधिकारियों पर डाटा उपलब्ध नहीं करवाने के आरोप तक लगाए थे। बाद में अधिकारियों के डाटा उपलब्ध करवाने के बाद कई पूर्व पार्षदों ने वार्डबंदी को लेकर अपनी आपत्तियां दर्ज करवाई है। जिसकी सुनवाई जल्द ही छह सदस्यीय कमेटी की ओर से की जाएगी।
क्यों चर्चा में है वार्डबंदी
1. वार्डबंदी में कई वार्ड का एरिया सात से आठ किलोमीटर तक बढ़ा दिया है।
2 वार्डबंदी का सर्वे परिवार पहचान पत्र को आधार बनाकर किया गया है। जिसको लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं।
3 वार्डबंदी में बीसीए, बीसीबी को लेकर आरक्षण की स्थिति स्पष्ट नहीं है।
4 वार्डबंदी को लेकर शहर की जनसंख्या के आंकड़े को लेकर संशय है।