घनी धुंध के चलते सोमवार सुबह सिरसा-चोपटा रोड पर दो गाड़ियां आमने-सामने टकरा गईं। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों गाड़ियां बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उनमें सवार दस लोग घायल हो गए। राहगीरों ने घायलों को संभाला और उन्हें अस्पताल पहुंचाया। घायलों में से तीन की हालत गंभीर बनी हुई है।
जानकारी के अनुसार सोमवार सुबह घनी धुंध के कारण हादसा हो गया। इस दौरान चोपटा की ओर से एक गाड़ी सिरसा की तरफ आ रही थी और सिरसा से एक गाड़ी चोपटा की जा रही थी। बीच रास्ते में डेरा सच्चा सौदा के पास धुंध के कारण दोनों गाड़ियां आमने-सामने टकराकर पलट गईं और गाड़ियों में सवार 10 लोग बुरी तरह से घायल हो गए। सभी घायलों को राहगीरों ने गाड़ियों से निकालकर डेरा सच्चा सौदा के अस्पताल पहुंचाया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने डॉक्टरों ने घायलों की स्थिति के बारे में जानकारी हासिल की। घायलों में गांव शक्करमंदोरी निवासी ममता रानी पत्नी सुरेंद्र , संदीप कुमार, पंजाब के कनकवाला निवासी दर्शन सिंह, गुरतेज सिंह, मानसा निवासी गुरतेज सिंह, बंता सिंह, दर्शन सिंह, फतेहाबाद निवासी सरोज रानी पत्नी इंद्र सिंह, मानसा निवासी दलीप सिंह व सिरसा निवासी भतेरी देवी पत्नी संदीप कुमार शामिल हैं।
ट्रैफिक पुलिस ने लगाए रिफलेक्टर
धुंध के चलते ट्रैफिक थाना पुलिस ने वाहनों पर रिफलेक्टर लगाने का अभियान चलाया हुआ है। सोमवार सुबह ट्रैफिक थाना प्रभारी अनिल सोढ़ी ने अपनी टीम के साथ रानियां रोड पर वाहनों के पीछे रिफलेक्टर लगाए। ट्रैफिक थाना इंचार्ज ने वाहन चालकों को यातायात नियमों के बारे में जागरूक किया। उन्होंने कहा कि घनी धुंध में वाहन चलाते समय हमेशा सावधानी बरतें। वाहन के आगे और पीछे रिफलेक्टर जरूर लगा होना चाहिए। धुंध में वाहन चालते समय इसका काफी लाभ होता है। अनिल सोढ़ी ने बताया कि 9 से 14 जनवरी तक ट्रैफिक पुलिस जिलेभर में सडक़ सुरक्षा सप्ताह मनाएगी।