बहादुरगढ़ में शनिवार को भी सुबह से क्षेत्र में घना कोहरा छाया हुआ है। कोहरे ने वाहन चालकों व आमजन की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मौसम विभाग ने लगातार दो-तीन दिनों तक कोहरे की संभावना व्यक्त की है। कोहरे के कारण क्षेत्र में वाहनों की रफ्तार पर ब्रेक लग गया और वाहन रेंगते नजर आए। वहीं ट्रेनों का भी शेड्यूल बिगड़ गया है। एक्सप्रेस हो या पैसेंजर सभी ट्रेनें कई-कई घंटों की देरी से चल रही हैं।
कोहरा अधिक होने के कारण दृश्यता शून्य रही। मौसम विभाग के अधिकारियों ने कहा कि जमीनी सतह पर जब बादल बनने लगे तो उसे कोहरा कहा जाता है। कोहरा ऊंचाई और लंबाई दोनों तरह से बनता है। यह हवा, नमी तापमान आदि के अनुसार ही बनता है। कोहरे में जब प्रदूषक मिलते हैं तो स्मॉग बनती है। हालांकि जिन जगहों पर नमी अधिक होती है वहां पर कोहरा अधिक छाया रहता है। शुक्रवार को हवा में नमी का असर 47 से 100 प्रतिशत तक रहा। कोहरा ज्यादा होने की वजह से रेलवे स्टेशन पर एक प्लेटफार्म से दूसरे प्लेटफार्म पर खड़े यात्री भी नजर नहीं आए।
धर्मनगरी कुरुक्षेत्र लगातार दूसरे दिन भी गहरे कोहरे के आगोश में हैं। सुबह करीब 10 बजे तक भी दृश्यता आठ मीटर से भी कम रही तो ठंडी हवाओं ने भी लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी है। न्यूनतम तापमान नौ डिग्री तक दर्ज किया गया।
गत दिवस शुक्रवार को दोपहर बाद धूप खिलने के उपरांत देर शाम को फिर कोहरा गिरने लगा था और रात के समय दृश्यता शून्य तक पहुंच गई थी। यह कोहरा सुबह तक और भी गहरा होता रहा तो सुबह 11 बजे तक भी सड़कों पर वाहन रेंगते रहे तो हादसे की आशंका भी बनी रही। हालांकि दोपहर बाद धूप खिलने के आसार है, जिससे कुछ राहत मिल पाएगी।
कोहरा, ठंड के साथ ही प्रदूषण लोगों लिए मुसीबत बन गया है। रात से ही कोहरा छाने से दृश्यता शून्य रही। सुबह नौ बजे कोहरा कम होने से राहत मिल सकी। रात को कोहरे के बीच नेशनल हाईवे-44 समेत केएमपी व केजीपी पर भी वाहनों की रफ्तार थम गई थी। ट्रेनों की रफ्तार भी थमी रही।
वातावरण में लगातार दूसरे दिन भी कोहरा मुसीबत बना रहा। शुक्रवार रात नौ बजे से ही घना कोहरा छा गया था। जिसका प्रभाव शनिवार सुबह भी रहा। रात को घना कोहरा छाने से वाहनों की रफ्तार पर लगाम लग गई। रात को दृश्यता शून्य तक आ गई थी। वाहन चालक रात को कतार बनाकर चल रहे थे। हवा की गति कम होने से प्रदूषण का स्तर भी बहुत खराब स्थिति में पहुंच गया है। एक निजी साइट पर सुबह वायु गुणवत्ता सूचकांक 398 दर्ज किया गया। हालांकि मुरथल में लगा वायु मापक यंत्र करीब 15 दिन से नहीं चल रहा है।
धीमा हुआ ट्रेनों का परिचालन
कोहरे के चलते दूसरे दिन शनिवार को भी ट्रेनों का परिचालन धीमा है। दिल्ली-अंबाला रेल मार्ग पर 20 मीटर तक सिमटी दृश्यता के कारण दर्जनभर से ज्यादा ट्रेनें अपने निर्धारित समय से एक घंटे से 11 घंटे तक की देरी से चल रही हैं। वहीं रेलवे यातायात ब्लॉक के चलते अपडाउन की शान-ए-पंजाब एक्सप्रेस व पठानकोट एक्सप्रेस का परिचालन रद्द किया गया है।
शनिवार को दिल्ली-अंबाला रेल मार्ग पर चलने वाली ऊंचाहार एक्सप्रेस 11 घंटे, मालवा का 6 घंटे, दादर एक्सप्रेस 5 घंटे, जम्मू मेल 4 घंटे, आम्रपाली एक्सप्रेस 5 घंटे की देरी से चल रही है। ट्रेनों के रद्द रहने व देरी से चलने के कारण सोनीपत से दिल्ली व अंबाला की ओर जाने वाले यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।