रोहतक। जिला परिषद चुनाव के चौंकाने वाले परिणाम आए हैं। जाट आरक्षण व किसान आंदोलन में चेहरा रहे खिड़वाली के ओमप्रकाश हुड्डा व मीना मकड़ौली चुनाव हार गईं। जबकि अपराध की दुनिया छोड़कर राजनीति में कदम रखने वाले राजेश सरकार की पत्नी मंजू व राहुल दादू के भाई जयदेव ने जीत हासिल कर चौंका दिया। वहीं, भैणीभेरो के अमित रांगी ने 10 हजार से ज्यादा वोटों से जीत हासिल कर महम के विधायक बलराज कुंडू का जिप में सबसे बड़ी जीत का रिकॉर्ड तोड़ दिया। उधर, सीमा भालौठ मात्र 177 वोटों से जीत हासिल करने में कामयाब रही। पूर्व चेयरमैन धर्मपाल मकड़ौली की पत्नी अरुणा भी चुनाव हार गईं।
प्रदेश की सियासी राजधानी रोहतक में जिला परिषद व पंचायत समिति के मतों की गणना रविवार सुबह 20 मिनट देरी से शुरू हो सकी। जाट संस्था के पांच केंद्रों में मतगणना के राउंड बढ़ने के साथ-साथ केंद्रों के बाहर समर्थकों की संख्या बढ़ती गई। करीब 10 बजे रुझान आने लगे कौन आगे व कौन पीछे चल रहा है। 12 बजे तक प्रत्याशियों की हार व जीत तय हो गई, लेकिन आधिकारिक तौर पर डीसी ने चुनाव परिणाम पौने दो बजे घोषित किया।
राजेश सरकारी की पत्नी मंजू ने दो दिग्गज को हराया
अपराध की दुनिया छोड़कर राजेश सरकारी ने राजनीति में कदम रखा है। उनकी पत्नी मंजू ने वार्ड नंबर पांच से धमाकेदार जीत हासिल की है। मंजू ने पूर्व चेयरमैन धर्मपाल मकड़ौली की पत्नी अरुणा चौधरी और किसान व जाट आंदोलन में सक्रिय रही मीना मकड़ौली को हराया है। मंजू ने 3 हजार 281 वोटों से जीत हासिल की।
रिटायर अधिकारी मांगेराम व लेखक सतीश भी जीते
जिला परिषद के वार्ड नंबर 3 से मांगेराम चिड़ी ने हिम्मत सिंह को 3 हजार 17 वोटों से हराया है। 72 वर्षीय मांगेराम रिटायर अधिकारी हैं। वहीं, वार्ड 13 से सतीश बहलबा ने 5 हजार 454 वोटों से जीत हासिल की। सतीश हरियाणवी गाने लिखते हैं।
तीसरी बार भालौठ में जिप की चौधर
सोनीपत रोड स्थित भालौठ गांव का जिला परिषद से गहरा नाता रहा है। हुड्डा राज में राजेश भालौठ जिला परिषद के चेयरमैन रहे। भाजपा राज में बलराज कुंडू के बाद 2020 में सतीश भालौठ चेयरमैन बने। अब भाजपा के जिला महामंत्री राजेश भालौठ के परिवार से सीमा भालौठ वार्ड नंबर 7 से विजयी रहीं।
खिड़वाली से अनिल घुसकानी ने मारी बाजी
जिप के वार्ड नंबर चार में रोचक माहौल था। पूर्व मंत्री कृष्णमूर्ति हुड्डा व पूर्व विधायक श्रीकृष्ण हुड्डा के गांव खिड़वाली से सात प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे थे जबकि घुसकानी गांव से अनिल कुमार व टिटौली से संदीप ने वार्ड से चुनाव लड़ा। अनिल ने 204 वोटों के अंतर से खिड़वाली के रामकरण उर्फ धोबा को हराया। गांव के पूर्व सरपंच व जाट आंदोलन में सक्रिय रहे ओमप्रकाश हुड्डा तीसरे स्थान पर रहे।
सुमन गिरावड़ ने आप प्रत्याशी के साथ भाजपा नेता की पुत्रवधू को भी हराया
वार्ड नंबर 12 से भारतीय आशा पार्टी ने सुमन गिरावड़, आप ने बहुअकबरपुर की किदवंती देवी व भाजपा नेता ने अपनी पुत्रवधू को मैदान में उतारा था। सुमन गिरावड़ को भारतीय आशा पार्टी का चुनाव चिह्न नहीं मिला। ऐसे में उसने निर्दलीय ही चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। सुमन ने आम आदमी पार्टी की किदवंती को 517 वोटों से हराया।
तीन जग लबालब, दो का जहाज उड़ा, सूरज की तपिश भी पूरी
जिला परिषद चुनाव में विजयी रहे सभी 14 प्रत्याशियों ने निर्दलीय चुनाव लड़ा। इन्हें बुग्गी, पतंग, जहाज, सूरज, जीप, जग, बैट व मटका चुनाव चिह्न मिला था। इसमें वार्ड नौ की नीलम, 11 की दीपिका व 13 के सतीश जग के चिह्न पर, वार्ड 4 के अनिल व 12 से सुमन जहाज और वार्ड पांच की मंजू व 7 की सुमन उगते सूर्य के निशान पर जीतने में कामयाब रहीं।
जिला परिषद के वार्ड नम्बर 5 से विजयी होने के बाद समर्थकों के साथ डांस करती मंजू हुड्डा। अमर उजाला