विजेंद्र कौशिक
रोहतक। जिला परिषद चेयरमैन की कुर्सी पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के हलके गढ़ी सांपला किलोई में जाएगी या महम के गिरावड़ की महिला पार्षद बाजी मारेगी। सामान्य वर्ग की चार महिला पार्षदों के बीच मुकाबला है। इसमें वार्ड पांच से मंजू धामड़, सात से सीमा भालौठ, नौ से नीलम इस्माईला व 12 से सुमन गिरावड़ शामिल हैं। अब राज्य चुनाव आयोग द्वारा नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा। पहले पार्षदों को शपथ दिलाई जाएगी। इसके बाद सर्वसम्मति न बनने पर 14 वार्ड पार्षद मतदान करके चेयरमैन का चयन करेंगे।
प्रदेश के अंदर रोहतक को सियासी राजधानी माना जाता है। रोहतक जिले में भी शहर से ज्यादा ग्रामीण क्षेत्र में सियासी गतिविधियां ज्यादा रहती हैं, जिसने जिला परिषद व पांच पंचायत समितियों रोहतक, महम, कलानौर, सांपला व लाखनमाजरा का सीधा जुड़ाव रहता है। 9 नवंबर को जिला परिषद व पांचों पंचायत समितियों का चुनाव हुआ, जिसमें ईवीएम से वोट डाली गई। अब 27 नवंबर को मतगणना हुई। जिप के 105 प्रत्याशियों में सभी 14 वार्ड में निर्दलीय प्रत्याशी विजयी रहे।
प्रत्याशियों के परिजन कर रहे संपर्क
जिला परिषद के चुनाव परिणाम के बाद पार्षदों ने चेयरमैन की कुर्सी के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। चेयरमैन का पद सामान्य वर्ग की महिला के लिए आरक्षित है। ऐसे में महिला प्रत्याशियों के परिजन अभी दूसरे पार्षदों व नेताओं से संपर्क साधने में लगे हैं। सीमा भालौठ का परिवार भाजपा से जुड़ा है। उसके परिवार के सदस्य भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ से मिलने की तैयारी में हैं। जबकि मंजू धामड़ के परिजन सभी विजेता पार्षदों से संपर्क कर रहे हैं। तीसरी महिला प्रत्याशी नीलम इस्माईला के देवर रिंकू खत्री का कहना है कि पहली बार चुनाव लड़ा और जीते हैं। वे किसी पार्टी से संबंध नहीं रखते। भाईचारे के दम पर चेयरमैन बनने का प्रयास करेंगे। वहीं, सुमन गिरावड़ के परिजनों का कहना है कि अपनी तरफ से प्रयास करेंगे। बाकी समय बताएगा।
अभी तक सत्ता के करीब रहा है चेयरमैन
जिला परिषद के इतिहास में अब तक जो चेयरमैन रहा, ज्यादातर सत्ता के करीब का है। चौटाला राज में 2000 में इनेलो नेता धर्मपाल मकड़ौली जिप के चेयरमैन बने। 2005 से 2015 तक कांग्रेस समर्थक चेयरमैन रहा। जबकि 2016 में भाजपा के बलराज कुंडू चेयरमैन बने। कुंडू के 2019 में विधायक बनने के बाद सतीश भालौठ चेयरमैन बने, वे भी भाजपा से ही जुड़े रहे। अब देखना है कि नया चेयरमैन खुद को किसी पार्टी से जोड़ेगा या नहीं।