करिश्मा/प्रदीप
रोहतक। जिले से उभरती युवा प्रतिभाओं की सफलता की कहानियां औरों के लिए प्रेरणा बन रही हैं। यहां के युवा न केवल खेल के मैदान में बल्कि उद्यमिता, अकादमिक व अन्य क्षेत्रों में अपनी विशिष्ट पहचान बना रहे हैं।
रोहतक खेल के क्षेत्र में एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभरा है। यहां के युवा विविध खेलों में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं। संवाद
इनसेट 1
24 की उम्र में गांव से ग्लोबल रिसर्च तक पहुंचीं वंशिका
24 साल की उम्र में खेड़ी साध गांव की वंशिका गहलावत ने रिसर्च के क्षेत्र में अलग पहचान बनानी शुरू कर दी है। एमडीयू के भौतिकी विभाग से 2023-25 में एमएससी की। अब उनका चयन ऑस्ट्रेलिया की यूनिवर्सिटी ऑफ एडिलेड की सोलर एनर्जी रिसर्च परियोजना के लिए हुआ है। इस रिसर्च में वह कठिन परिस्थितियों में काम करने वाले सोलर पैनलों की क्षमता और टिकाऊपन बढ़ाने पर काम करेंगी। उनका शोध ड्यूरेबल क्वांटम-कटिंग कंपोजिट्स विकसित करने पर केंद्रित है। इसका उद्देश्य ऐसी सुरक्षात्मक परत तैयार करना है जो हानिकारक यूवी विकिरण को उपयोगी विद्युत ऊर्जा में बदलने में मदद कर सके। इससे ट्रक, जहाज और विमान जैसे कठिन वातावरण में इस्तेमाल होने वाले सोलर मॉड्यूल को अधिक टिकाऊ बनाने में मदद मिल सकती है।
इनसेट 2
नौ हजार रुपये की नौकरी से 200 से ज्यादा आउटलेट तक पहुंचे संदीप जांगड़ा
संदीप जांगड़ा ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बाद महज नौ हजार रुपये प्रतिमाह की नौकरी मिली। अपना व्यवसाय शुरू करने का सपना था। आर्थिक चुनौतियों के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। पिज्जा कारोबार को समझने के लिए रोहतक में प्रशिक्षण लिया। आटा तैयार करने से लेकर सॉस, डिलीवरी और स्टोर संचालन सारा काम सीखा। 2015 में गोहाना से पिज्जा गैलरिया की शुरुआत की। भाई और दोस्तों से करीब 6.5 लाख रुपये जुटाए। खुद बाइक से पंपलेट बांटे। शार्क टैंक सीजन-3 में एक करोड़ रुपये के बदले दो फीसदी हिस्सेदारी की मांग रखी लेकिन फंडिंग नहीं मिली। उन्होंने रुकने के बजाय कारोबार पर फोकस रखा। आज पूरे देश में पिज्जा गैलेरिया के 200 से अधिक आउटलेट हैं और सालाना टर्नओवर करीब 80 करोड़ रुपये हैं।
इनसेट 3
वुशू में झंडे गाड़ रहे सुनारिया खुर्द के देव
सुनारिया खुर्द के रहने वाले 20 वर्षीय देव पांचाल वुशू में नेशनल खेल चुके हैं। देव ने दो साल मुक्केबाजी करने के बाद 2018 में वुशू का अभ्यास करना शुरू किया था। अप्रैल 2019 में उन्होंने भिवानी में जिलास्तरीय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता था। सितंबर 2019 में जींद में राज्यस्तर पर पहला गोल्ड जीता था। नवंबर 2019 में सब जूनियर नेशनल में कांस्य पदक जीता था। देव लगातार दो बार स्कूल नेशनल में गोल्ड जीत चुके हैं। साल 2023 से 25 तक लगातार तीन बार अंतर कॉलेज प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक विजेता रह चुके हैं। अभी वह आगामी अंतर कॉलेज प्रतियोगिता की तैयारी कर रहे हैं। यहां से ही राष्ट्रीय स्तर के लिए चयन होना है। उनके पिता विक्रम दत्त अभियंता हैं जबकि माता उमा देवी गृहिणी हैं।
06-वंशिका गहलावत।
06-वंशिका गहलावत।