संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। सार्वदेशिक आर्या युवती परिषद व बेटी बचाओ अभियान के सहयोग में आयोजित राष्ट्रीय कन्या चरित्र निर्माण व योग शिविर में सोमवार को आयुर्वेद पर चर्चा की गई। बेटियों को योग व वैदिक सिद्धांतों की जानकारी दी गई।
टिटौली के स्वामी इंद्रवेश विद्यापीठ में राष्ट्रीय कन्या चरित्र निर्माण व योग शिविर में नाड़ी वैध कायाकल्प संस्थान के संचालक नाड़ी वैद्य सत्यप्रकाश आर्य ने प्रवचन दिया। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद में सुखी जीवन का आधार है। एमडीयू में संस्कृत के पूर्व विभाग अध्यक्ष डॉ. बलबीर आचार्य ने कहा कि युवक एवं युवतियां देश की रीढ़ होते हैं।
सत्यप्रकाश आर्य ने कहा कि आयुर्वेद औषधि नहीं, बल्कि आहार है। आयुर्वेद में सभी रोगों का स्थायी इलाज है और इसके दुष्परिणाम भी नहीं हैं। लंबा व सुखी जीवन जीने के लिए आयुर्वेद को अपनाएं। डॉ. बलबीर आचार्य ने कहा कि युवाओं का नैतिक रूप से चरित्रवान होना व राष्ट्र भक्त होना आवश्यक है। पूनम आर्या ने संध्या व यज्ञ का प्रशिक्षण दिया।
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में फिजिक्स के पूर्व विभाग अध्यक्ष डॉ. भूप सिंह आर्य ने कहा कि जो बात तर्क, विज्ञान व सृष्टि नियम ओर वेद के अनुकूल है, वही धर्म की श्रेणी में माननी चाहिए।
अनुराग मलिक, सुक्रिति डॉ. रणबीर खासा, सुनीता खासा को यज्ञ के उपरांत स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। शिविर में एकता आर्या, मंजू आर्या, अंकिता आर्या, निधि आर्या, सुनैना आर्या ने योगासन, सर्वांगसुंदर व्यायामव लाठी चलाने का अभ्यास करवाया।