पेच परसराम सेवा मंडल पुरानी अनाज मंडी के दुर्गा महोत्सव में कलश यात्रा निकालती महिलाएं। विज्ञप्
रोहतक। शारदीय नवरात्र का सोमवार से शुभारंभ हुआ। नवरात्र के पहले दिन लोगों ने पूर्ण विधि-विधान के साथ माता की पूजा कर कलश स्थापना की। नवरात्र में माता के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। जगह-जगह मंदिरों को सजाया गया है, वहीं दूसरी ओर बाजारों में भी काफी रौनक देखने को मिल रही है। किला रोड बाजार में माता के शृंगार के लिए सिंदूर, चूड़िया, बिंदी, चुनरी आदि कई प्रकार का सामान उपलब्ध है। बाजार में दुकानों के बाहर माता की पूजा का सामान सजाया गया जिसे खरीदने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। नवरात्र के पहले दिन शहर के विभिन्न मंदिर जैसे दुर्गा भवन मंदिर, माता दरवाजा स्थित प्राचीन शीतला माता मंदिर, डीएलएफ देवी मंदिर समेत कई मंदिरों के प्रांगण को फूलों व लड़ियों से सजाया गया है इसके अलावा माता की मूर्तियों का भी शृंगार किया गया है।
बाबा बालकपुरी धाम के डेरा प्रमुख महामंडलेश्वर कपिलपुरी ने बताया कि धाम में माता का दरबार लगाया है। नवरात्र के पहले दिन माता की पूर्ण विधि-विधान से पूजा कर कलश स्थापना की गई। उन्होंने बताया कि नवरात्रों के नौ दिन तक भंडारे का आयोजन किया जाएगा। रोज शाम सात से नौ बजे महिलाओं द्वारा भंजन संध्या आयोजित की जाएगी। महामंडलेश्वर कपिलपुरी ने बताया कि नवरात्र के छठे दिन शाम सात से नौ बजे तक डांडिया का आयोजन किया जाएगा।
पेच परसराम सेवा मंडल पुरानी अनाज मंडी की ओर से छठे दुर्गा महोत्सव का आयोजन किया गया है। महोत्सव के पहले दिन 351 महिलाओं ने कलश यात्रा निकाल माता की मूर्ति की स्थापना की। महामंडलेश्वर परम चैतन्य एवं वैश्य एजुकेशन सोसाइटी के प्रधान नवीन जैन ने हरी झंडी दिखाकर यात्रा की शुरुआत की। ज्वालीजी से लाई गई माता की ज्योत को दरबार में विराजित किया गया। उसके बाद दोपहर में महिलाओं ने भजन संध्या कर माता के भजन गाए और शाम को आरती की गई।