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विश्व वृद्धजन दिवस आज: बढ़ती उम्र में युवाओं सा जोश...पदकों की लगा रहे झड़ी

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56 अतर सिंह व वीरमति।
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रोहतक। बढ़ती उम्र में एक ओर जहां लोगों को बीमारियां घेर लेती हैं और वे दौड़ना तो दूर चलने-फिरने में भी असमर्थ होते हैं। वहीं, इससे इतर जिले में कुछ ऐसे बुजुर्ग भी हैं जो बढ़ती उम्र को मात देकर मैदान पर पदक जीत रहे हैं।
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रोहतक जिले के अंतरराष्ट्रीय वेटरन खिलाड़ी अतर सिंह व उनकी पत्नी वीरमति, चांद सिंह व रामचंद्र अहलावत ऐेसे नाम हैं जो अपने जोश और जज्बे से पदक जीतकर युवाओं को प्रेरित कर रहे हैं। ये खिलाड़ी रोजाना मैदान पर कसरत करने जाते हैं।
70 वर्षीय अतर सिंह 114 तो उनकी पत्नी वीरमति जीत चुकीं 76 पदक
सेक्टर-14 निवासी वेटरन खिलाड़ी अतर सिंह मलिक व उनकी पत्नी वीरमति अब तक राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 190 पदक जीत चुके हैं। इनमें से 70 वर्षीय अतर सिंह ने 114 व 65 वर्षीय उनकी पत्नी ने 76 पदक जीते हैं। उनका कहना कि दृढ़ निश्चय हो तो कोई भी काम मुश्किल नहीं है। दोनों रोजाना मैदान पर दौड़ लगाने जाते हैं।
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चांद सिंह अहलावत की उम्र 85, पदक जीते 200 से अधिक
लक्ष्मी नगर निवासी अंतरराष्ट्रीय वेटरन खिलाड़ी चांद सिंह अहलावत ने प्रतिभा का लोहा विदेश तक मनवाया है। 85 वर्षीय चांद सिंह ने शाॅटपुट, डिस्कस थ्रो व जेवलिन थ्रो सहित कई अन्य खेलों में अब तक 200 से अधिक पदक जीते हैं।

77 वर्षीय रामचंद्र अहलावत के नाम 35 से अधिक पदक
शिवाजी काॅलोनी निवासी 77 वर्षीय रामचंद्र अहलावत ने योग में देश ही नहीं बल्कि विदेश में भी परचम लहराया है। रामचंद्र का कहना है कि योग से तन और मन दोनों स्वस्थ रहते हैं। आलस्य भी नहीं रहता है। उन्होंने अब तक 35 से अधिक पदक जीते हैं। संवाद
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56 अतर सिंह व वीरमति।

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