ओशोधारा नानक धाम मुरथल आश्रम में 120 से ज्यादा साधक ध्यान योग के साथ-साथ समर्थगुरु सिद्धार्थ औलिया के सानिध्य में उत्सव का आनंद ले रहे हैं। रोहतक से पहुंचे साधकों ने बताया कि इस समय आश्रम की प्राकृतिक छठा अद्भुत है। जंगल जैसे घने पेड़, हिमालय जैसी शांति, पक्षियों का कलरव, फूलों की छटा, बुद्ध क्षेत्र की ऊर्जा और समर्थगुरु की जीवंत उपस्थिति बैकुंठ जैसा वातावरण निर्मित करती है। समर्थगुरु ने कहा कि यहां आकर सालों भर चलने वाले ध्यान योग, प्रज्ञा और भक्ति शिविर में शामिल होना वैदिक काल के ऋषि आश्रमों में रहने की अनुभूति कराता है। वहीं समर्थगुरु ने विश्व शांति के लिए, भारतवर्ष को विश्वगुरु बनाने व सनातन धर्म के सशक्तिकरण की प्रार्थना के साथ शुक्रवार को सूफी दरबार आयोजित किया। इसमें देश-विदेश से 230 से ज्यादा साधक ऑनलाइन और ऑफलाइन जुड़े।