सोनीपत/कुंडली। गांव मनौली में खुले शराब ठेके को गांव से बाहर करने की मांग को लेकर महिलाओं ने जमकर हंगामा किया। शराब ठेके को गांव से दूर ले जाने की मांग को लेकर महिलाए सड़क पर उतर आईं। उन्होंने ठेके के बाहर भी जमकर प्रदर्शन किया। महिलाओं ने पंचायत को ठेका गांव से बाहर निकालने को लेकर एक सप्ताह का अल्टीमेटम दिया है। उनका आरोप था कि नशे में लोग बहू-बेटियों को परेशान करते हैं और उन पर फब्तियां कसते हैं। राशन की दुकान की तरह शराब बेची जा रही है। मौके पर पहुंची पुलिस ने महिलाओं को आश्वासन दिया कि इस बारे में प्रशासनिक अधिकारियों तक उनकी बात पहुंचाएंगे।
रविवार को गांव मनौली की महिलाएं एकत्रित होकर सड़क पर उतर्र आईं। महिलाओं ने गांव में खोले गए शराब ठेके बाहर एकत्रित होकर प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। महिलाओं ने बताया कि जब से गांव में शराब का ठेका खुला है तब से गांव का माहौल लगातार खराब हो रहा है। युवक ठेके पर राशन की दुकान की तरह लाइन में लगकर शराब की बोतलें खरीदते हैं और फिर शराब पीकर हुड़दंग करते हैं। गांव के छोटे बच्चे भी शराब की लत में पड़ गए हैं। छोटी उम्र में महिलाएं विधवा हो रही हैं, जोकि चिंता का विषय है। खेतों में काम करने के लिए जाने वाली महिलाओं के अलावा स्कूल जाने वाली बच्चियों के लिए भी शराबी परेशानी पैदा करते हैं और छेड़छाड़ करते हैं। ऐसे में यहां से शराब का ठेका हटना चाहिए। मौके पर पहुंची थाना कुंडली पुलिस ने कहा कि ठेका हटाना उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं है। वह प्रशासन को अवगत करवा देंगे। महिलाओं ने एक सप्ताह का समय दिया है।
गांव में हालात लगातार बिगड़ रहे हैं। शराब पीकर महिलाओं से मारपीट की जाती है और महिलाओं को प्रताड़ित किया जाता है। आए दिन युवा और बच्चे शराब की लत से ग्रसित हो रहे हैं और माहौल बिगड़ता जा रहा है। ऐसे में शराब का ठेका यहां से हटाना ही एकमात्र उपाय है। इसके लिए लगातार संघर्ष किया जाएगा।
उर्मिला आर्य।
कई ग्रामीणों के घरों में बच्चों को खाना तक नसीब नहीं होता। घर का मुखिया कमाई को शराब में उड़ा देता है। बच्चों को स्कूल के लिए फीस तक नहीं मिलती। यदि उन्हें समझाने का प्रयास करते हैं तो वह मारपीट करते हैं। कई महिलाओं के साथ रोजाना मारपीट होती है। शराब ठेका गांव में नहीं रहेगा तो हालात सुधर सकेंगे।
रजनी।
गांव में ऐसे हालात हो गए हैं कि अकेले बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। कुछ दिन पहले एक महिला अकेले बैंक में किसी काम से गई थी तो उसके साथ रास्ते में शराबियों ने छेड़छाड़ की। ऐसे में अब डर लगने लगा है। शराब का ठेका गांव में होना ही इस समस्या की जड़ है। इसे हटाया जाना चाहिए।
प्रीति।
गांव में बच्चों का भविष्य बिगड़ रहा है। युवा आए दिन गलत दिशा में जा रहे हैं। हमारा गांव तो शराबियों का गांव बनकर रह गया है। ऐसे हालात में यहां से शराब का ठेका हटाना जरूरी हो गया है। प्रशासन इसे यहां से तुरंत हटाए। अगर कोई कार्रवाई नहीं हुई तो एक सप्ताह बाद वह इसे स्वयं ही हटाने को मजबूर होंगी।
रश्मि।
प्रशासन का अवगत कराएंगे
महिलाओं ने शराब के ठेके को हटाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था। महिलाओं के बीच जाकर उन्हें समझाकर शांत किया गया है। पुलिस इस मामले में प्रशासन को अवगत करा देगी। पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
एसआई प्रेम कुमार, कुंडली थाना।