मंगलवार को घनीपुरा मोहल्ले में हंगामा हो गया। यहां भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष के भतीजे के शोरूम के सामने लगे ट्रांसफार्मर को हटवाने के लिए 100 पुलिसकर्मी और बिजली निगम कर्मियों की पूरी फौज पहुंच गई। ट्रांसफार्मर को दूसरी जगह लगाने के विरोध में महिलाएं क्रेन के आगे लेट गईं और 6 घंटे तक ट्रांसफार्मर को सड़क पर रखवाए रखा। किसी तरह महिला पुलिस कर्मियों ने धक्के देकर महिलाओं को पीछे हटाया और केस दर्ज करने की चेतावनी देकर शोरूम के सामने से ट्रांसफार्मर हटाकर दूसरी जगह रखवा दिया गया। लोगों ने भाजपा नेताओं पर पक्षपात का आरोप लगाया है।
घनीपुरा में शिवम एनक्लेव के पास भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष रमेश भाटिया के भतीजे सुरेश भाटिया का टाइल्स व अन्य सामान का शोरूम है। शोरूम के सामने गली के दूसरे किनारे पर पांच साल से ट्रांसफार्मर रखा हुआ था। इसे हटाने के लिए बिजली निगम कर्मियों ने एक महीने पहले कार्रवाई शुरू की और उसके लिए चौराहे पर खंभा भी लगा दिया गया। जहां पहले से दो ट्रांसफार्मर रखे हुए थे। ट्रांसफार्मर को गली से हटाकर चौराहे पर रखने के लिए सोमवार को बिजली कर्मी मौके पर पहुंचे, लेकिन मोहल्लावासियों ने विरोध कर टीम को बैरंग लौटा दिया। मंगलवार सुबह 11 बजे बिजली निगम के 20 कर्मचारी अपने साथ पुलिस लेकर मौके पर पहुंचे। क्रेन के सहारे शोरूम के बाहर से ट्रांसफार्मर उतार लिया गया।
इसका पता चलते ही वहां मोहल्ले की काफी महिलाएं जुट गईं और क्रेन को रोक दिया। बिजली कर्मियों ने दोबारा से क्रेन चला दी तो महिलाएं उसके आगे लेट गईं और अपने ऊपर से क्रेन जाने के बाद ही ट्रांसफार्मर लगने देने की बात कहने लगी। हंगामा बढ़ता देख भारी संख्या में पुलिस कर्मियों को बुला लिया गया, जिनमें 50 से ज्यादा महिला पुलिस कर्मी शामिल रहीं। उन्होंने विरोध कर रही महिलाओं को समझाकर हटाने का प्रयास किया, लेकिन वे क्रेन के आगे ही सड़क पर बैठ गईं। महिलाओं ने आरोप लगाया कि विधायक मनीष ग्रोवर व पूर्व जिलाध्यक्ष रमेश भाटिया के दबाव में ट्रांसफार्मर हटाया जा रहा है। जबकि पांच सालों से वहां कोई परेशानी नहीं हुई।
महिलाओं का कहना था कि जहां ट्रांसफार्मर लगाया जा रहा है, वहां काफी कम जगह है और पहले से दो ट्रांसफार्मर रखे हुए हैं। वहां पशु भी घूमते रहते हैं तो बच्चे भी खेलते है। वहां लगे ट्रांसफार्मरों में आए दिन स्पार्किंग होती रहती है। अब एक नया ट्रांसफार्मर लगने से हालात ज्यादा खराब हो जाएंगे। शाम 5 बजे तक हंगामा चलता रहा। महिलाओं को न मानता देख पुलिस ने महिलाओं के साथ खींचतान करनी शुरू कर दी। महिलाआें को जबरन हटा दिया गया और चौराहे पर ट्रांसफार्मर रख दिया गया। विरोध कर रही महिलाओं पर केस दर्ज करने की चेतावनी भी दी गई। मौजूद महिलाओं भागा, मायावती, सावित्री, पुष्पा, स्वरूपी, कौशल, पूनम, ऊषा, भगवानी, गीता और भतेरी का कहना है कि वह इस मामले में कार्रवाई के लिए अधिकारियों से मिलेंगी। इसके अलावा कोर्ट का सहारा भी लिया जाएगा।
बस भाजपा नेताओं के परिवार ही दिखते हैं
रोहतक। घनीपुरा में ट्रांसफार्मर शिफ्ट करने का मामला तूल पकड़ गया है। मोहल्लावासियों का कहना है कि प्रशासन भाजपा नेताओं के दबाव में काम कर रहा है। अफसरों को केवल भाजपा नेताओं के परिवारों की समस्या ही दिखती है। हम कोई समस्या लेकर अधिकारियों के पास जाती हैं तो उनकी बात तक नहीं सुनी जाती। बिजली निगम में ट्रांसफार्मर और तार हटवाने के लिए सैकड़ों प्रार्थना पत्र लंबित हैं, लेकिन अभी तक उन पर कोई सुनवाई नहीं की गई है। वहीं भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष रमेश भाटिया ने कहा कि इस मोहल्ले की महिलाएं हर काम का विरोध करती हैं। क्योंकि वे विरोध कर पैसा ऐंठना चाहती हैं।