राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष प्रतिभा सुमन ने सोमवार दोपहर करीब 12 बजेे आंबेडकर चौक स्थित महिला थाने का निरीक्षण किया, जहां पांच महिला पुलिसकर्मी धूप में बैठकर पबजी गेम खेलती मिली। बकौल प्रतिभा सुमन, जब पूछा तो पुलिसकर्मियों ने कहा कि उनकी नई ज्वाइनिंग है। ड्यूटी नहीं मिली है। महिला आयोग की अध्यक्ष का कहना है कि थाने में बैठकर महिला पुलिसकर्मियों द्वारा पबजी गेम खेलना गलत है। क्योंकि पुलिस पर दूसरों को जागरूक करने की जिम्मेदारी है। पूरे मामले की रिपोर्ट बनाकर गृहमंत्री अनिल विज को दी जाएगी। इसके अलावा सोमवार को ही प्रतिभा सुमन ने सेफ हाउस, वन स्टॉप सेंटर व महिला आश्रम का भी दौरा किया।
धूप में बैठकर पबजी गेम खेलती मिलती नव नियुक्त महिला पुलिसकर्मी
सबसे पहले चेयरपर्सन ने महिला थाना का विजीट किया। जहां पहुंचने के बाद देखा कि नव नियुक्त महिला पुलिसकर्मी एक जगह धूप में बैठी थी। वे सभी झुंड में बैठी हुई बातें कर रही थी व मोबाइल फोन में बिजी थी। छुपके से प्रतिभा सुमन ने उनका मोबाइल फोन पीछे खड़े होकर देखा तो सभी अपने मोबाइल फोन में पबजी गेम खेल रही थी। जिसने इस तरह धूप में झुंड में बैठने, मोबाइल फोन में पबजी गेम खेलने के कारण पूछा गया। जिसका जबाव देते हुए नव नियुक्त महिला पुलिसकर्मियों ने बताया कि वे सभी अभी नियुक्त हुई हैं और उनको कोई सुनिश्चित डयूटी नहीं दी गई है।
सेफ हाउस सेंटर में युगल के लिए किचन न शौचालय
इसके बाद राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष प्रतिभा सुमन सेफ हाउस में पहुंची, जहां पहुंच कर उन्होंने देखा कि यह जगह कहने को सेफ हाउस है, लेकिन यहां से ज्यादा असुरक्षित और अव्यवस्था तो कही भी नहीं है। चेयरपर्सन के मुताबिक यह वह जगह है जहां पर कोर्ट मैरिज करने के बाद करीब 15 से 20 दिनों के लिए सुरक्षा के लिहाज से रखा जाता है, लेकिन रोहतक का यह सेफ हाउस सेंटर सुरक्षा के नजरिये से कतई भी सुरक्षित नहीं था। उनका कहना है कि यह बहुत ही छोटी सी जगह पर बनाया गया हुआ है। जिसमें एक छोटे से कमरे में ही नीचे जमीन पर गद्दे बिछाए हुए थे। एक गद्दे पर एक कपल बहुत मुश्किल से लेट व बैठ पाता है। इसके अलावा यहां पर एक ही शौचालय था, जिसमें वहां रह रहे करीब 20 कपल शौच को जाने को मजबूर है। सेंटर में बहुत ही गंदगी थी। रसोई भी नहीं थी। वहां रहने वालों के लिए खाना की व्यवस्था भी कैसे होती होगी, इसका जबाव सेंटर संचालकों ने संतोषजनक नहीं दिया।
दुष्कर्म पीड़िता किशोरी से मिली प्रतिभा सुमन, मामले में उचित व त्वरित कार्रवाई का दिया आश्वासन
सेफ हाउस सेंटर के बाद प्रतिभा सुमन सामान्य अस्पताल के वार्ड नंबर 2 पहुंची। जहां पर दुष्कर्म पीड़िता उपचाराधीन 14 वर्षीय किशोरी से मुलाकात की। जिससे उसकी स्थिति की जाना और उसके साथ हुए अपराध के संबंध में हो रही पुलिस कार्रवाई के बारे में पूछा। जिस दौरान उन्हें पता लगा कि केस तो दर्ज हो गया है, लेकिन आरोपी फरार है। जिसके लिए उन्होंने पुलिस को जल्द आरोपी को पकड़ने के लिए कहा। साथ ही किशोरी और उसके परिजनों को मामले में उचित और त्वरित कार्रवाई करवाने का आश्वासन भी दिया। सामान्य अस्पताल में बने सुकुन केंद्र का भी निरीक्षण किया। जिस दौरान सामने आया कि यहां पर बीते चार माह में 128 से ज्यादा शिकायतें आई है। जिनका निवारण स्थिति बिल्कुल सही है।
वन स्टॉप सेंटर में एक साल में आई महज 22 शिकायतें, वे भी महिला हेल्प लाइन नंबर से
सामान्य अस्पताल में ही बने वन स्टॉप सेंटर में गई। जहां जाने पर देखा कि वहां पर किसी भी तरह की व्यवस्था नहीं थी। यहां न तो रजिस्टर में पूरा ब्यौरा दर्ज था। न ही यहां पर स्टाफ था। इसके अलावा यहां पर एक साल में महज 22 शिकायतें आई। ये सभी शिकायतें भी महिला हेल्प लाइन नंबरों के जरिये आई हुई थी। सेंटर में कर्मचारी भी पूरे नहीं थे। यहां पर तीन सिक्योरिटी गार्ड थे, जोकि सिविल ड्रेस में थे। साथ ही एक काउंसलर थी। प्रतिभा सुमन के मुताबिक यहां पर कम से कम 10 सदस्यीय स्टाफ होना चाहिए। जोकि नहीं था। इसके अलावा बताया कि हर माह लाखों रुपयों का बजट जागरूकता सहित सेंटर की अन्य जरूरत पूरी करने के सरकार की ओर से दिया जाता है। लेकिन सेंटर की ओर से जागरूकता कार्यक्रम नहीं किए गए थे। साथ ही बताया कि जब यहां पर इतनी महिलाओं की आवाजाही नहीं है, तो तीन सिक्योरिटी गार्ड की जरूरत भी नहीं थी।
जिस तरह के वातावरण में होना चाहिए महिला आश्रम, वैसा नहीं है
आखिर में चेयरपर्सन प्रतिभा सुमन ने महिला आश्रम का दौरा किया। प्रतिभा सुमन का कहना था कि यह आश्रम शहर में काफी अंदर की ओर स्थापित है। इसके अलावा यह उस वातावरण में नहीं बना है, जिस तरह के अनुकुलित वातावरण में होना चाहिए। लेकिन यहां पर किसी भी महिला को संचालकों की ओर से कोई परेशानी नहीं थी। सभी महिलाओं को हर चीज समय पर दी जा रही है। यह इस आश्रम की खास बात रही।
ये सभी सेंटर महिलाओं की सुरक्षा के लिए बनाए गए हैं। इसके लिए सरकार हर माह लाखों रुपयों का बजट देती है। लेकिन यह जिला प्रशासन की घोर लापरवाही है कि इन सेंटरों की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इस सभी खामियों के बारे में मुख्यालय व संबंधित मंत्री को पत्र लिखा जाएगा और जल्द से जल्द इसका समाधान करवाया जाएगा। महिला थाने में पबजी खेलने के मामले की रिपोर्ट गृहमंत्री अनिल विज को दी जाएगी।
- प्रतिभा सुमन, चेयरपर्सन, राज्य महिला आयोग।
राज्या महिला आयोग की चेयरपर्सन प्रतिभा सुमन द्वारा निरीक्षण किया गया। उन्हें सेंटरों में जो भी खामियां मिली, उनके सुझावों के साथ वह खामियां जल्द दूर की जाएगी। महिलाओं की सुरक्षा जिला प्रशासन के लिए भी प्राथमिकता है।
- आर एस वर्मा, उपायुक्त
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महिला आयोग की अध्यक्ष द्वारा महिला के निरीक्षण की जानकारी उनको नहीं थी। आयोग की अध्यक्ष जो भी रिपोर्ट देंगी। उस पर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही संबंधित महिला पुलिसकर्मियों को जल्दी ड्यूटी सौंपी जाएगी।
गोरखपाल राणा, डीएसपी मुख्यालय