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परिवहन मंत्री को फूफा बता महिला नेत्री ने कंडक्टर लगवाने के नाम पर हड़पे 7.50 लाख रुपये, केस दर्ज

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परिवहन मंत्री को अपना फूफा बताकर नौकरी लगवाने के बहाने लोगों से रुपये ऐंठने वाली महिला नेत्री के खिलाफ पुलिस ने धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। बादली निवासी एक युवक को रोडवेज में कंडक्टर लगवाने के नाम पर आठ लाख रुपये मांगे गए थे। इसमें से 7.50 लाख रुपये आरोपी को दिए जा चुके हैं। आरोप है कि नौकरी नहीं लगने पर रुपये वापस मांगे तो पीड़ित को झूठे केस में फंसाने की धमकी दी जा रही है। इस संबंध में महिला नेत्री से मोबाइल पर बात करने का प्रयास किया गया, मगर फोन नहीं उठाने से बात नहीं हो सकी।
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पुलिस को दी शिकायत में गढ़ी बलंभ निवासी सोमवीर ने कहा कि कमल कॉलोनी में रहने वाली पूनम मान बूरा वर्ष 2014 के चुनाव के दौरान खुद को नेत्री बताते हुए वोट मांगने गांव में आती थी। इसी दौरान उससे जान पहचान हुई। वह गांव में आने व फोन पर बार-बार कहती कि कोई परेशानी, कोई काम हो या नौकरी लगवानी हो मुझे बताना। इसके चलते उसे अपनी चचेरी बहन के बेटे बादली निवासी कुनाल के बारे में बताया। भांजे ने रोडवेज कंडक्टर की नौकरी के लिए आवेदन किया था। इस पर महिला नेत्री ने लिखित परीक्षा आने पर संपर्क करने की बात कही। परीक्षा सितंबर 2017 में होनी थी। इसका रोल नंबर आने पर वह कमल कालोनी में उसके घर जाकर मिला। यहां उसने कहा कि परिवहन मंत्री से अच्छी जान पहचान है। उसकी बुआ एक मंत्री जी के गांव में शादीशुदा है। वह मंत्री जी रिश्ते में उसके फूफा लगते हैं।
महिला नेत्री ने कहा कि वह पांच लोगों को नौकरी लगवा सकती है। इस पर अपने भांजे की नौकरी की बात की तो उसने कहा कि आठ लाख रुपये लगेंगे। नौकरी पक्का लगवा दूंगी, फिलहाल डेढ़ लाख रुपये व रोल नंबर पहुंचा दो। बाकी रुपये बाद में दे देना। इसके बाद उसका भांजा पेपर से एक दिन पहले डेढ़ लाख रुपये व अपना रोल नंबर पूनम मान बूरा को उसके घर पर दे आया। पेपर होने के चार-पांच दिन के बाद महिला नेत्री के कहने पर वह गांव की सरपंच कृष्णा देवी के पति श्रीभगवान के साथ उसके घर पर चार लाख रुपये देकर आया। कुछ महीने बाद मई 2018 में भांजे की नौकरी की लिस्ट के बारे में पूछा तो महिला नेत्री ने कहा कि तुम्हारा काम हो गया है, तुम बाकी के रुपये भी जल्दी पहुंचा दो। इसके बाद उसने अपने रिश्तेदार के खाते से दो लाख रुपये डलवा दिए। बाद में दो दिसंबर 2018 को कंडक्टर सूची में भांजे का नाम नहीं आया तो हमने उससे अपने 7.50 लाख रुपये मांगे। इस पर वह आनाकानी करने लगी। बाद में उसने रुपये देने से साफ इनकार कर दिया। उसके बारे में छानबीन करने पर पता चला कि पूनम मान बूरा व परिवहन मंत्री की कोई रिश्तेदारी या जानपहचान नहीं है। आरोप है कि इस दौरान उन्हें झूठे केस में फंसाने की धमकी भी दी गई।
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पूनम मान बूरा भाजपा से जजपा में चली गई थी। वहां से अधिकारिक रूप से वापस पार्टी में आई या नहीं इसकी जानकारी नहीं है।
- अजय बंसल, जिला अध्यक्ष, भाजपा।
पूनम मान बूरा भाजपा में थी। वहीं है। जजपा में कभी शामिल नहीं रही। इस मामले की सीबीआई से उच्च स्तरीय जांच कराई जाए।
- बलवान सुहाग, जिला अध्यक्ष, जजपा।
परिवहन मंत्री के नाम पर नौकरी के लिए रुपये ऐंठने का मामला दर्ज किया है। पूनम मान बूरा पर गढ़ी बलंभ के सोमवीर ने आरोप लगाया है। पुलिस ने धोखाधड़ी का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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नरेश, प्रभारी, सिविल लाइन थाना।
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