जाको राखे साइयां, मार सके न कोय। यह कहावत आज यहां रेलवे स्टेशन पर साबित हो गई। दरसल, रेलवे स्टेशन पर सुबह प्लेटफार्म नंबर एक पर पहुंची पातालकोट एक्सप्रेस में चढ़ते समय एक महिला नीचे पटरियों पर जा गिरी। महिला सूझबूझ से प्लेटफार्म और पटरियों के मध्य में होने वाले स्थान के बीच लेट गई। 35 सेकेंड बाद ट्रेन ठहरने पर महिला को बाहर निकाला गया। महिला को सकुशल पाकर सबने राहत की सांस ली।
सुबह 9 बजकर 47 मिनट पर पातालकोट एक्सप्रेस प्लेटफाॅर्म नंबर एक पर पहुंची और 9 बजकर 49 मिनट पर ट्रेन चल पड़ी। इसी दौरान तीन बच्चों व पति समेत एक महिला ने चलती ट्रेन में चढ़ने की कोशिश की। ट्रेन में पहले महिला का पति उसके बाद उसके दो बच्चे व कुछ सामान ट्रेन की खिड़की पर रख दिया। जैसे ही महिला ने बैग को खिड़की से अंदर की तरफ धकेलना चाहा तो संतुलन बिगड़ने से वह प्लेटफाॅर्म और चलती ट्रेन के बीच से नीचे पटरियों के बीच जा गिरी। इससे स्टेशन पर मौजूद महिला कांस्टेबल पिंकी व एएसआई श्रीभगवान समेत अन्य यात्रियों ने ट्रेन को रोकने के लिए आवाज लगाई। ट्रेन में मौजूद यात्रियों ने ट्रेन की चेन को खींचा और वह अचानक से रूकी। इस दौरान महिला 35 सेकेंड तक पटरी और प्लेटफार्म के बीच लेटी रही। महिला को किसी तरह की चोट नहीं लगी। ट्रेन रुकते ही कांस्टेबल पिंकी ने महिला को बाहर निकाला और कहीं पर चोट न हो इसकी जांच की।
बाहर निकलते ही महिला स्टेशन पर बच्चों की तरफ दौड़ी
महिला को जैसे ही बाहर निकाला गया तो वह तुरंत ट्रेन के इंजन की तरफ बच्चों का नाम पुकारते हुए तेजी से दौड़ पड़ी। जबकि बच्चे उसके ट्रेन में मौजूद थे। उसी समय महिला का पति ट्रेन से उतरा और उसको संभाला। लेकिन महिला घबराई हुई थी, पुलिस द्वारा कुछ भी पूछने पर वह जवाब नहीं दे पा रही थी। महिला पुलिस ने भी जानकारी लेने की पूरी कोशिश की, लेकिन महिला व उसके पति ने कुछ नहीं बताया। पातालकोट एक्सप्रेस ट्रेन में ही बैठकर वह अपने गंतव्य स्थान की तरफ चल पड़े।