एचआईवी जांच के लिए मरीजों को अब पीजीआईएमएस में इधर-उधर नहीं भटकना होगा। ऐसे मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए संस्थान प्रबंधन ने एकीकृत परामर्श एवं जांच केंद्र आईसीटीसी को नई ओपीडी भवन के भू तल एमआरआई सेंटर के पास शिफ्ट कर दिया है। यहां नौ अक्तूबर से जांच सुविधा शुरू हो जाएगी।
पीजीआईएमएस की ओपीडी में रोजाना करीब 7000 मरीज परामर्श के लिए आते हैं। इनमें से करीब 200 मरीजों को डॉक्टरों की ओर से एचआईवी जांच की सलाह दी जाती है। इनमें से कुछ को ऑपरेशन करने से पहले व कुछ को बीमारी की जांच के लिए। इसके अलावा कुछ व्यक्ति स्वैच्छिक रूप से अपना एचआईवी जांच कराने आते हैं। अब तक इन सभी मरीजों को माइक्रोबायोलॉजी विभाग के दूसरे तल पर कमरा नंबर 322 व 323 में जाना पड़ता था। अब इस केंद्र के ओपीडी में शिफ्ट होने से मरीजों को इधर-उधर नहीं घूमना पड़ेगा। एचआईवी लैब की इंचार्ज प्रोफेसर डॉ. रितु अग्रवाल ने कहा कि पीजीआई में दाखिल सभी मरीजों के एचआईवी जांच के लिए खून के सैंपल पहले की ही तरह माइक्रोबायोलॉजी विभाग में ही स्वीकार किए जाएंगे। विभाग अध्यक्ष डॉ. अपर्णा व चिकित्सा अधीक्षक डॉ. कुंदन मित्तल के सहयोग से यह कार्य सफल हुआ।
माइक्रोबायोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. अपर्णा परमार ने एचआईवी काउंसलिंग और टेस्टिंग सेंटर को माइक्रोबायोलॉजी विभाग से नई ओपीडी में शिफ्ट कर दिया गया है। सोमवार से ओपीडी के ग्राउंड फ्लोर पर ही मरीजों की जांच व काउंसलिंग की जाएगी। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. कुंदन मित्तल ने कहा कि अब मरीजों को माइक्रोबायोलॉजी विभाग नहीं जाना होगा। उन्हें एक ही छत के नीचे सभी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।