रोहतक। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय में शुक्रवार को तीन दिवसीय ऑनलाइन साइबर अपराध एवं अनुसंधान पर कार्यशाला संपन्न हुई। इसमें रोहतक रेंज के साइबर क्राइम संबंधी मामलों के अनुसंधान कार्यों में लगे पुलिस कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। कार्यशाला में राष्ट्रीय साइबर फॉरेंसिक लैब के विशेषज्ञों ने रोहतक रेंज सेरोहतक, भिवानी, झज्जर तथा चरखी दादरी के 50 से अधिक पुलिस कर्मचारियों को ऑनलाइन पोर्टल व साइबर अपराध की बारीकियों की जानकारी दी।
रोहतक रेंज के पुलिस महानिरीक्षक राकेश कुमार आर्य के आदेशानुसार कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें राष्ट्रीय साइबर फॉरेंसिक लैब तथा दिल्ली पुलिस के विशेषज्ञों द्वारा साइबर अपराध अन्वेषण व अपराधियों को पकड़ने के लिए नई तकनीकों की जानकारी दी गई। प्रशिक्षण में मोबाइल फोन व हार्ड डिस्क के अंदर मौजूद डाटा को सॉफ्टवेयर की मदद से रिट्रीव क्लोनिंग करने की विधि समझाई गई। क्रिप्टोकरंसी अपराध से निपटने व अपराधियों को काबू करने, व्यक्तिगत ईमेल का डाटा की चोरी का पता लगाने की जानकारी देने के साथ इंटरनेट प्रोटोकॉल व वीपीएन की जानकारियां दीं।
राष्ट्रीय फॉरेंसिक साइबर लैब से पहुंचे साइबर विशेषज्ञों एस श्रीविष्णु, विकास सिंह, नरेन्द्र कुमार व अन्य ने साइबर अन्वेषण टीमों को फेक ऐप स्कैम के बारे में जानकारी देते हुए स्कैमर्स को ट्रेस करने के बारे में बताया। वर्कशॉप के समापन पर आईजी राकेश कुमार आर्य ने विशेषज्ञों का धन्यवाद किया। इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रोहतक मेधा भूषण, राष्ट्रीय साइबर फॉरेंसिक लैब के विशेषज्ञ, रेंज साइबर अपराध विश्लेषण शाखा प्रभारी उपनिरीक्षक राजू सिंधु, सहायक उप निरीक्षक त्रिलोचन, मुख्य सिपाही वीरेंद्र सिंह व अन्य पुलिस कर्मचारी मौजूद रहे।