फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पौने घंटे की दूरी 10 मिनट में कर सकेंगे तय, जाम से मिलेगा छुटकारा

विज्ञापन
विज्ञापन
एलिवेटेड रेलवे ट्रैक पर ट्रेनों का संचालन सितंबर माह से शुरू होने जा रहा है। ट्रैक पर ट्रेन का आवागमन शुरू होते ही पुराने ट्रैक को उखाड़कर सड़क बनाने का काम शुरू हो जाएगा। रेलवे स्टेशन से सेक्टर-छह तक साढ़े पांच किमी. लंबी सड़क करीब आठ माह में बन सकेगी। इस सड़क के बनने से लोगों का रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड के लिए आवागमन सुगम हो जाएगा। साथ ही लोग पौने घंटे की दूरी मात्र 10 मिनट में तय कर सकेंगे।
विज्ञापन

गोहाना-रोहतक रेल मार्ग शहर के बीचोंबीच से गुजर रहा है। ट्रेन के गुजरने पर बजरंग भवन फाटक, सोनीपत स्टैंड फाटक व न्यू बस स्टैंड फाटक बंद होता है, जिससे जाम लगता है। लंबे समय से चली आ रही जाम की समस्या से शहरवासियों को निजात दिलाने के लिए प्रदेश सरकार के सहयोग से रेलवे 4.8 किमी. लंबा एलिवेटेड ट्रैक बना रहा है, जिसका कार्य अंतिम चरण में हैं। अधिकारियों की माने तो सितंबर तक एलिवेटेड ट्रैक पर ट्रेनों का आवागमन शुरू हो जाएगा। इसके बाद पुराने ट्रैक को उखाड़कर रेलवे प्रशासन स्टेशन से सेक्टर-छह तक सड़क का निर्माण करेगा। यह सड़क करीब साढ़े करीब पांच किमी. लंबी होगी। सड़क को बनाने में करीब 16 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। निर्माण इकाई से जुड़े अफसर ने बताया चूंकि पटरी उखाड़ने के बाद समतलीकरण का काम किया जाएगा इसलिए सड़क का निर्माण कार्य पूरा होने में करीब आठ माह लग जाएगा।
शहरवासियों को मिलेगी काफी सुविधा
स्टेशन से सेक्टर-छह तक करीब छह किमी. सड़क का निर्माण होने से शहरवासियों को काफी राहत मिलेगी। इस मार्ग के बनने से न सिर्फ रेलवे स्टेशन का रास्ता सुगम हो जाएगा बल्कि बस स्टैंड भी जाना आसान होगा। वर्तमान में रेलवे स्टेशन से बस स्टैंड, राजीव गांधी स्टेडियम और सेक्टर-छह जाने में क्रमश: 25 मिनट, 35 मिनट और 40 मिनट लग जाते हैं। जाम की स्थिति में यह दूरी घंटों में तय होती है। जब एलिवेटेड रेलवे ट्रैक के साथ सड़क का निर्माण होगा तो यह दूरी कुछ मिनट की रह जाएगी। जानकारों का कहना है कि रेलवे स्टेशन से सेक्टर-छह जाने में अधिकतम 10 मिनट का समय लगेगा।
विज्ञापन

शॉर्ट कट की वजह से काफी लोग गुजरेंगे
एलिवेटेड रेलवे ट्रैक के साथ बनने वाली सड़क शहर के कई मार्गों से होकर गुजरेगी। ऐसे में बनने जा रहा यह मार्ग लाइफ लाइन के रूप में काम करेगी। रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड के बीच में सवारियों का सबसे ज्यादा आवागमन होगा। इसके साथ ही अधिकांश लोग शॉर्ट कट रास्ता होने की वजह से इससे आवागमन करेंगे।
इलेक्ट्रिफिकेशन का सामान लेकर 15 तक आएगी मैटेरियल ट्रेन
एलिवेटेड रेलवे ट्रैक पर मैटेरियल ट्रेन लाने की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। पटरियों को स्टेशन व गेट नंबर-छह के पास मुख्य लाइन से जोड़ दिया गया है। रेलवे मुख्यालय से ब्लॉक लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अफसरों का कहना है कि मैटेरियल ट्रेन 15 अगस्त तक आ जाएगी। एलिवेटेड ट्रैक पर 13 मीटर लंबी पटरियों से अस्थायी ट्रैक बिछाया गया है ताकि मैटेरियल ट्रेन से 250 मीटर लंबी पटरी और ट्रैक के इलेक्ट्रिफिकेशन का सामान साइट पर आ सके। मैटेरियल ट्रेन के लौटने के साथ ही 13 मीटर की पटरी को उखाड़कर 250 मीटर पटरी को बिछाने का काम शुरू हो जाएगा। इसके साथ ही रेलवे स्टेशन से गेट नंबर-छह तक इलेक्ट्रिफिकेशन का काम शुरू हो जाएगा। दावा किया जा रहा है कि अगस्त के अंतिम सप्ताह तक ट्रैक और इलेक्ट्रिफिकेशन का काम हो जाएगा। इसके बाद ट्रेन का ट्रायल होगा और जो खामियां मिलेंगी उसे दूर किया जाएगा। इसके बाद ट्रेनों का नियमित रूप से संचालन एलिवेटेड ट्रैक से ही होगा। मैटेरियल ट्रेन को एलिवेटेड ट्रैक पर लाने के लिए मुख्यालय से ब्लाक लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अफसरों का कहना है कि वीरवार अथवा शुक्रवार तक ब्लॉक की अनुमति मिल जाएगी और 15 अगस्त तक ट्रेन से सामान आ जाएगा। रेलवे की निर्माण इकाई के एक्सईएन वैभव कुमार का कहना है कि एलिवेटेड ट्रैक पर मैटेरियल ट्रेन लाने के लिए ब्लाक लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। 15 अगस्त तक ट्रेन आ जाएगी। पटरी और इलेक्ट्रिफिकेशन का सामान साइट में उतार लिया जाएगा।
रेलवे स्टेशन से सेक्टर-छह तक पटरियां उखाड़कर सड़क का निर्माण रेलवे की तरफ से किया जाएगा। इसका पूरा प्रस्ताव बनाया जा चुका है। फिलहाल पूरा फोकस एलिवेटेड रेलवे ट्रैक पर ट्रेनों का संचालन कराने पर है। सितंबर के मध्य तक एलिवेटेड ट्रैक पर ट्रेन का संचालन शुरू हो जाएगा। इसके बाद पुराने ट्रैक को उखाड़ने का काम शुरू होगा।
विज्ञापन

वैभव कुमार, एक्सईएन रेलवे निर्माण इकाई।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें