रोहतक। शहर के खोखराकोट में मां ने काम-धंधा करने के लिए कहा तो 14 साल के बेटे ने फंदा लगाकर जान दे दी। चाऊमीन की रेहड़ी पर काम करने वाला अश्वनी एक माह से घर पर ही था। घटना से परिवार में मातम का माहौल है।
कलानौर खंड के गांव बनियानी निवासी सावित्री ने बताया कि वे पांच साल पहले परिवार सहित शहर के खोखराकोट में आकर रहने लगे थे। उनके पांच बच्चे हैं जिसमें तीन बेटियां व दो बेटे हैं। सबसे छोटा बेटा अश्वनी पढ़ाई छोड़कर चाऊमीन की दुकान पर काम करता था।
एक महीना पहले काम छोड़कर घर पर ही रह रहा था। बुधवार सुबह उन्होंने बेटे अश्वनी से कहा कि वह कोई काम-धंधा कर लें। इससे वह नाराज हो गया और ऊपर कमरे में जाकर पंखे से चुन्नी बांधकर फंदा लगा लिया।
जब तक परिजनों को पता चला कि तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। मामले की सूचना पाकर पुरानी सब्जी मंडी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और एफएसएल एक्सपर्ट डॉ. सरोज दहिया की मौजूदगी में शव नीचे उतारा।
जांच पड़ताल के बाद मां के बयान दर्ज कर आत्महत्या मानकर कार्रवाई की। देर शाम होने के कारण वीरवार सुबह पोस्टमार्टम कराया गया जिसमें फंदा लगाकर आत्महत्या करने की पुष्टि हुई है।