शादी के बाद यह नाम पति की फैमिली आईडी में जुड़ जाता है। जब शादी पंजीकृत कराने के लिए आवेदन करने गए तो पाया कि लड़की को उसके पिता की फैमिली आईडी में मृत दिखाया गया है। अजय ने बताया कि उसने आरटीआई से सूचना मांगी तो पता लगा कि उसकी पत्नी का मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाया गया है। फैमिली आईडी में भी उसे मृत दिखाया गया है। सात माह से विवाह पंजीकरण के लिए सीएससी सेंटर व तहसील के चक्कर लगा रहे हैं।
प्रेम विवाह करने वाले दंपती ने कहा कि वे बड़े अधिकारियों से लेकर हर जगह गुहार लगा चुके हैं, लेकिन समाधान नहीं हुआ है। साजिश के तहत मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने व बिना जांच पड़ताल मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने वाले अधिकारियों के खिलाफ पुलिस में शिकायत देने पहुंचे। पुलिस ने भी भिवानी क्षेत्र की घटना बताते हुए शिकायत दर्ज करने से मना कर दिया।