रोहतक। शुगर मिल में पेराई सत्र शुरू होने के एक माह बाद कांटे में गड़बड़ी का बड़ा खुलासा सामने आया है। तोल में एक क्विंटल 80 किलो तक गन्ना कम दिखाया गया है। शनिवार को मिल के कांटे व बाहरी कांटे की तुलाई पर्ची का मिलान किया तो गड़बड़ी सामने आई। इससे किसान बिफर पड़े और प्रदर्शन कर विरोध जताया। मिल में करीब साढ़े तीन घंटे हंगामा रहा। इस दौरान गन्ना खरीद रुकी रही। इससे गन्ना किसानों की फसल लदी ट्रालियों की मिल के बाहर कतार लग गई। बाद में मिल की प्रबंध निदेशक मेजर गायत्री अहलावत ने किसानों को कांटे की जांच कराने का आश्वासन देकर शांत किया।
किसान प्रीत सिंह का कहना है कि किसान अपना गन्ना मिल में लेकर जाने से पहले बाहर लगे कांटों पर वजन करा कर ही अंदर ला रहे हैं। वजन संबंधित किसी भी तरह की गड़बड़ी से बचने के लिए यह सब किया जाता है। गन्ने की ट्राली का मिल के कांटे पर भी वजन होता है। यहां के वजन और बाहरी मशीन की तुलाई में करीब डेढ़ से दो क्विंटल गन्ने का वजन कम पाया गया। इससे किसानों का काफी नुकसान हो रहा है। अधिकारियों से इस बारे में बातचीत करने पर सुनवाई नहीं हुई। अधिकारी मिल के कांटे को ही सही बता रहे हैं। बाहर से वजन वाली पर्ची को देखा तक नहीं जा रहा है। इससे किसानों का समय भी बर्बाद हो रहा है।
कांटे की जांच हो नहीं तो बड़े स्तर पर होगा प्रदर्शन
किसान प्रीत सिंह का कहना है कि इस तरह से कांटों में कमी के चलते किसानों के साथ अन्याय हो रहा है। इस तरह की गड़बड़ी किसान किसी भी स्तर पर सहन नहीं करेगा। पहले ही सरकार ने किसानों से किए गए वायदे पूरे नहीं किए हैं। इससे किसानों में काफी रोष है। जल्द इस समस्या का समाधान नहीं हुआ तो किसान बड़े स्तर पर प्रदर्शन करने पर मजबूर होंगे।
वर्जन
किसानों ने गन्ना तुलाई को लेकर आपत्ति दर्ज कराई है। कांटे पर कम तुलाई संबंधित मामले में अधिकारियों को जांच के आदेश दिए गए हैं। किसी तरह की गड़बड़ी सामने आती है तो उसे ठीक कराया जाएगा। किसानों के साथ किसी तरह की कोई परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
-मेजर गायत्री अहलावत, प्रबंध निदेशक, शुगर मिल भाली आनंदपुर।