-फोटो 55 : देवउठनी के दिन दूल्हा-दुल्हनन के लिए कार सजाते फूल वाले। संवाद
बहादुरगढ़। चार माह बाद मंगलवार को देवोत्थान एकादशी से शादियों की धूम फिर शुरू हो गई। देवोत्थान एकादशी पर सात फेरे लेकर 100 से अधिक जोड़े जन्म जन्मांतर के बंधन में बंध गए। बैंड, बाजा, डीजे, डांस के बीच लोगों ने जमकर धमाल किया। बहादुरगढ़ की सड़कों पर मंगलवार को काफी भीड़भाड़ रही।
देवउठनी के दिन वाटिकाएं, बैंकट हॉल, धर्मशालाएं व अन्य विवाह स्थल रोशनी से झिलमिला रहे थे, वहीं बाराती भी बैंड बाजे के बीच थिरकते नजर आए। दूल्हे की गाड़ी सजाने वालों के यहां कई-कई गाड़ियां सजती दिखीं। लाल चौंक पर गाड़ी सजाने का काम करने वाले अशोक ने बताया कि उसने शादियों के मौके को ध्यान में रखते हुए काफी अधिक मात्रा में फूल मंगवाए थे। जोकि शाम होते-होते कम पड़ते नजर आए। लोग टैक्सियों की बुकिंग के लिए इधर-उधर घूम रहे थे, लेकिन उन्हें काफी ऊंचे दामों में भी टैक्सी उपलब्ध नहीं हो रही थी।
शादी का पहला मुहूर्त होने के चलते टैक्सी वाले, बैंड वाले, टेंटवाले, हलवाई व पंडित भी दिनभर व्यस्त रहे। सुबह होते ही नगर में ढोल व बैंड की आवाजें आनी शुरू हो गई और शाम को माहौल और रंगीन होता चला गया।
डीजे पर झूमे युवा, शादियों में चले पटाखे
विवाह समारोह में डीजे और बैंड की धुन पर युवा थिरकते नजर आए। शादियों में आतिशबाजी भी हुई। सर्वाधिक अनार और स्काई शॉट प्रयोग किए गए। शादी समारोह में खूब बम, पटाखे छोड़े गए।