रोहतक। पीजीआईएमएस में फिजियोथैरेपी की छात्रा का अप्रैन पहन कर जच्चा वार्ड में जबरन प्रवेश कर रहे युवक को निजी सुरक्षा गार्डोँ ने संदेह के आधार पर रोका तो उसने स्वयं को डॉक्टर बता कर धौंस दिखाई। गार्डों ने जब पहचान पत्र मांगा तो वह नहीं दिखा पाया, संदेह होने पर मौके पर पुलिस को फोन कर इसकी सूचना दी गई और युवक को पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। थाने में युवक ने अपनी गलती मानी है। जिसके बाद उसे छोड़ दिया गया है। संस्थान में फर्जी डॉक्टरों का आवागमन सामान्य है। यहां अप्रैन पहन कर बाहरी लोगों का आवागमन सामान्य बात है। अप्रैन के सहारे निजी लैबों के कारिंदे व दलाल भी यहां जगह-जगह मरीजों की तलाश में घुमते रहते हैं। शनिवार को पकड़े गए युवक से जब पूछा गया कि वह किसका अप्रैल पहन कर आया है तो पता चला कि अप्रैन फिजियोथैरेपी की एक छात्रा का है। युवक ने बताया कि वह भाभी की रिपोर्ट देने आया था, जबकि महिला मरीज ने उसे पहचानने से भी इंकार कर दिया। बताया जा रहा है कि युवक स्वयं एक शिक्षण संस्थान का छात्र है। संदेह किया जा रहा है कि युवक निजी लैब के लिए संभवत: काम करता हो।
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बच्चा चोरी प्रकरण के बाद हो रही है सख्ती
जच्चा-बच्चा वार्ड व लेबर रूम के आसपास बच्चा चोरी प्रकरण होने के बाद काफी सख्ती है। यहां संदेह होने पर स्टाफ के पहचान पत्र जांचें जाते हैं। संस्थान से चोरी हुआ बच्चा अभी तक नहीं मिला है। सुरक्षा गार्डों को निर्देश हैं कि वह संदेह होने पर पहचान पत्र दिखाने को कहें। क्योंकि संस्थान की ओर से सभी स्टाफ को पहचान पत्र साथ रखना अनिवार्य किया गया है।
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हमारी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत है, जैसे ही गार्ड ने नया चेहरा देखा युवक को रोक लिया। जब युवक ने बहस की तो उसे पुलिस के हवाले कर दिया। आगे पुलिस की जिम्मेदारी है कि वह जांच करे कि युवक ने ऐसा क्यों किया। युवक के पास छात्रा का अप्रैन कैसे आया, इसकी सोमवार को जांच होगी। छात्रा से पूछा जाएगा कि उसने अप्रैन दिया या उसका अप्रैन चोरी हुआ है या ऐसी कोई छात्रा संस्थान में हैं भी या नहीं। पुलिस को इस मामले में सख्ती से कार्रवाई करने को कहा जाएगा।
- डॉ. पुष्पा दहिया, चिकित्सा अधीक्षक, पीजीआईएमएस
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पकड़ा गया युवक डॉक्टर का परिचित था। युवक हाथ में डॉक्टर का कोट लेकर जा रहा था। जिन्हें सिक्योरिटी गार्ड ने पकड़ लिया और उसके बाद उसे पहना कर फोटो कर ली है। इस बारे में डॉक्टर व सिक्योरिटी गार्ड लिखकर दे गए हैं। दोनों पक्षों का निपटारा हो गया है।
- इंसपेक्टर कप्तान सिंह, पीजीआईएमएस थाना प्रभारी।