01सीटीके23 गोहाना अड्डा स्थित दयानंद मठ में मासिक सत्संग के दौरान संगत को संबोधित करते मुख्य
रोहतक। गोहाना अड्डा स्थित दयानंद मठ में मासिक सत्संग का आयोजन किया गया। सत्संग का शुभारंभ सुबह 9 बजे यज्ञ से किया गया।
आचार्य संतराम ने बताया कि परमपिता परमात्मा की आज्ञाओं का हमें कठोरता से पालन करना चाहिए। ऋषि-मुनियों और महापुरुषों के बताए हुए मार्ग का अनुपालन करना चाहिए। इस दौरान मुख्यवक्ता रहे एमडीयू संस्कृत विभाग के पूर्व अध्यक्ष वैदिक विद्वान ने बताया कि हमारा सौभाग्य है कि हम आर्यावर्त देश में जन्मे हैं और जन्म के बाद महर्षि दयानंद सरस्वती का आशीर्वाद भी हम लोगों को प्राप्त हुआ है।
उन्होंने महर्षि दयानंद सरस्वती के जीवन पर प्रकाश डालते हुए चारों वेदों के संदर्भ में विस्तृत चर्चा की। उन्होंने बताया कि वेद ही अनमोल खजाना है जिसमें सभी प्रकार का ज्ञान-विज्ञान है। उन्होंने गुरुकुल की शिक्षा, दिनचर्या, उद्देश्य तथा उनके लाभ के बारे में भी बताया।
सतवीर आर्य मुण्डलाना, आशा आर्या, सत्यनारायण आर्य व तरुण आर्य ने भजनों के माध्यम से देश-भक्ति, भारत देश की वर्तमान दुर्दशा का संदेश दिया। साथ ही कृष्णा आर्या, योगेंद्र सिंह आर्य व रवींद्र शास्त्री ने अपने विचार रखते हुए परमपिता परमात्मा के उपकार व वेदों के महत्ता के संबंध में विस्तार से चर्चा की।
इस दौरान मंच संचालन बेदप्रचार मंडल के प्रधान सुभाष सांगवान ने किया। उन्होंने बताया कि सभी को वेद का पठन-पाठन व महापुरुषों को अवश्य याद करना चाहिए इनसे हमें जीवन में बेहतर करने की प्रेरणा मिलती है।