रोहतक। हरियाणवीं सिनेमा को काम करके आगे ले जाया सकता है, बात करके नहीं। सिर्फ बात करने से कुछ नहीं होगा बल्कि कर्म करने से होगा। गुरुजी कहते थे कि अच्छी एक्टिंग करने के तीन तरीके पहला अभ्यास, दूसरा अभ्यास व तीसरा भी अभ्यास है इसलिए बतियाना नहीं कर्म करना है। टैलेंट उठा लिया जाता है अगर अच्छा हो तो।
ऐसा कहना है बॉलीवुड एक्टर यशपाल शर्मा का। वह हरियाणवी इनोवेटिव फिल्म एसोसिएशन (हाइफा) के चौथे वार्षिकोत्सव में मंगलवार को दादा लख्मीचंद स्टेट यूनिवर्सिटी परफॉर्मिंग एंड विजुअल आर्ट्स (डीएलसी सुपवा) में बतौर विशिष्ट अतिथि बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि हरियाणावी सिनेमा को आगे ले जाने के लिए मैंने 6 साल दादा लख्मी फिल्म को दिए हैं। हाइफा का यह ऐसा कार्यक्रम है जिसमें हरियाणा के टैलेंट एक साथ एकत्रित हुए हैं। उन्होंने कहा कि आज के समय में सोशल मीडिया काफी बड़ा रोल प्ले कर रहा है। अगर आपके अंदर टैलेंट है तो सोशल मीडिया के जरिए पूरी दुनिया में छा सकते हैं।
शर्मा ने बताया कि पहले होता था कि प्लेटफाॅर्म नहीं मिल रहा है मगर अब ऐसा नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार भी हरियाणवीं सिनेमा को बढ़ावा दे रही है। यशपाल शर्मा ने बताया कि हरियाणवी सिनेमा के उत्थान के लिए पिछले 4 वर्ष से हाइफा में शॉर्ट फिल्म प्रतियोगिता, हरियाणवी गीत प्रतियोगिता, कहानी प्रतियोगिता आदि आयोजन किए जा रहे हैं । उन सभी प्रतियोगिताओं में विजेता रहे सभी प्रतिभागियों को वार्षिकोत्सव में पुरस्कृत किया जाता है।