रोहतक। शहर में जलसंकट गहराया हुआ है। कॉलोनियों को दो समय मिलने वाला पानी कटौती के साथ एक समय ही मिल रहा है। नहरी जलापूर्ति बंद होने से जलघरों के तालाब सूखने के कगार पर हैं। जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को कहना है कि शहर के जलघरों में केवल दो-तीन दिन का पानी ही शेष है। अब 25 अप्रैल को जेएलएन नहर में पानी आएगा, जिससे पेयजल किल्लत से लोगों को राहत मिल सकती है।
शहर और निगम के अधीन आने वाले क्षेत्र से नागरिक करीब 16 दिन से पानी की कटौती का सामना कर रहे। इसका मुख्य कारण शहर की नहर में पानी की आपूर्ति बंद होना है। 31 मार्च को जेएलएन (जवाहर लाल नेहरू) व 8 अप्रैल को बीएसबी (भालौठ सब ब्रांच नहर) में जलापूर्ति बंद हो गई थी, जिसके बाद जलघरों में उपलब्ध पानी से ही जलापूर्ति की जा रही है।
वहीं, 16 दिन से नहरी पानी बंद होने से तालाबों का जलस्तर भी घट गया है। हालांकि, तालाबों में पानी नजर आ रहा है, जो गादयुक्त है। इसके भी लंबे समय तक प्रयोग किया जाना व मोटरों से उठाना कठिन है। जनस्वास्थ्य विभाग के अनुसार, नहरी जलापूर्ति बंद होने के बाद से करीब 8 दिन तक शहर को बिनी किसी परेशानी से पानी दिया जाता है। इसके बावजूद विभाग 8 दिन के लिए स्टोर किए पानी को सप्लाई कर रहा है। ऐसे में तालाबों का घटता जल स्तर नहरी पानी आने का इंतजार कर रहा है।
सिंचाई विभाग से जेएलएन नहर के एसडीओ संजीव कुमार ने बताया कि वीरवार 24 अप्रैल को देर रात खुबडू हेड से नहर में पानी छोड़ा जाएगा। इसके बाद 25 को शहर में पानी पहुंच जाएगा। वहीं, जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि 25 को नहरी पानी आ जाता है, तो 26 तक जलघरों में पानी पहुंच जाएगा। साथ ही, वाटर चैनल और ट्यूबवेल से नहरी पानी लिया जाएगा।
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शहर के सभी क्षेत्रों में जलापूर्ति की जा रही है। जलघरों तीन दिन का पानी शेष है। सिंचाई विभाग से 25 को जेएलएन में पानी आने की जानकारी मिली है।
- अनिल रोहिला, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग।